मुकेश अंबानी को पिछले साल मिली कितनी सैलरी, महामारी से पहले 15 करोड़ रुपये था वेतन
मुंबई, 3 जून: देश के सबसे अमीर शख्स और उद्योगपति मुकेश अंबानी अपनी सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से 12 वर्षों तक 15 करोड़ रुपये बतौर सैलरी ले रहे थे। यह सिलसिला पिछले से पिछले वित्त वर्ष और उससे पहले के 11 वर्षों तक चला। लेकिन, बीते वित्त वर्ष (2020-21) में कोरोना वायरस महामारी की वजह से कारोबार और अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन ने पारिश्रमिक लेने को लेकर बहुत बड़ा फैसला किया। उन्होंने बीते वित्त वर्ष में वेतन के रूप में एक भी पैसे नहीं लिए हैं। कंपनी की एनुअल रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, फिर भी उनकी कुल संपत्ति में इजाफे का सिलसिला बरकरार है।

मुकेश अंबानी ने बीते वित्त वर्ष में नहीं ली सैलरी
2008-09 से अंबानी ने अपनी सैलरी, भत्ते, कमीशन और अतिरिक्त सुविधाओं को मिलाकर 15 करोड़ रुपये लेने का ही निश्चित कर रखा है और सालाना 24 करोड़ रुपये छोड़ते रहे हैं। लेकिन, वित्त वर्ष में उन्होंने वह सैलरी भी नहीं ली है। गौरतलब है कि पिछले साल जून में ही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा था, 'भारत में कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए, जिससे समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्र के औद्योगिक सेहत को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने स्वेच्छा से सैलरी नहीं लेने का फैसला किया है।' हालांकि, उनकी पत्नी और कंपनी बोर्ड की नन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नीता अंबानी को सीटिंग फीस के तौर पर 8 लाख रुपये मिले हैं और कमीशन के तौर पर अलग से 1.65 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

कुल 6.07 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं अंबानी
हालांकि, कोविड की वजह से सैलरी नहीं लेने के बावजूद मुकेश अंबानी के पास एशिया के सबसे अमीर शख्सियत का ताज कायम है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक बीते मंगलवार को अंबानी की कुल संपत्ति 6.07 लाख करोड़ थी। जबकि, एक हफ्ते पहले यानी 23 मई को उनकी कुल संपत्ति 5.62 लाख करोड़ रुपये थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक मुकेश अंबानी के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज का 49.14% हिस्सा है। मंगलवार को इसका शेयर आधा फीसदी बढ़ गया और प्रति शेयर करीब 2,169 रुपये का इजाफा हुआ था। शेयर बाजार की जानकारी रखने वाले विश्लेषकों की मानें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आगे भी इजाफा जारी रहने के संकेत हैं।

कोरोना की नई दवा पर काम कर रही है रिलायंस
इस बीच अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज कोविड-19 के खिलाफ कई तरह की तैयारियों में जुटी हुई है। कंपनी फिलहाल कोरोना की एक नई दवा और सस्ते टेस्टिंग किट पर काम कर रही है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक यह टेपवर्म की दवा निक्लोसामाइड को कोविड के इलाज के लिए इस्तेमाल करने की संभावना तलाश रही है। यही नहीं कंपनी ने बताया है कि उसकी टेस्टिंग किट आर-ग्रीन और आर-ग्रीन प्रो को भारत की सबसे बड़ी मेडिकल रिसर्च संस्था आईसीएमआर से भी मंजूरी मिल गई है। यही नहीं कंपनी ने एक ऐसी प्रक्रिया डिजाइन की है, जिससे सैनिटाइजर बाजार लागत के पांचवें हिस्से में तैयार होगी।
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कोरोना के खिलाफ कंपनी कर रही है ये काम
इसके अलावा कंपनी ने 3डी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से देश के अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी को दूर करने की कोशिश का भी इरादा जताया है। वह ऐसा मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन जेनरेटर डिजाइन कर रही है, जिसकी क्षमता प्रति मिनट 5 से 7 लीटर की होगी। बीते अप्रैल में कंपनी ने जामनगर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफायनरी में ऑद्योगिक ऑक्सीजन उत्पादन करने वाली यूनिट को मेडिकल-ग्रेड ऑक्सजीन के लिए बदल दिया था। जबकि, कंपनी के मुताबिक पिछले साल उसने फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स के लिए पीपीई किट तैयार करने के लिए एक यूनिट स्थापित की थी।












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