कैसे भारत पाक में घुसकर मार सकता है दाऊद और हाफिज सईद को!
नई दिल्ली। रविवार को केंद्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत हमेशा से ही पाकिस्तान में मौजूद अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। राज्यवर्द्धन ने यह बयान पहली बार दिया हो ऐसा नहीं बल्कि उससे पहले एक बार और वह इसी तरह का बयान दे चुके हैं।

26/11 के बाद से ही बहस
पाक में दाखिल होकर आतंकियों को मारने की बातें मुंबई में हुए आतंकी हमले 26/11 के बाद से ही होने लगी हैं। अगर भारत को पाक में दाखिल होकर हाफिज सईद या फिर दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कार्रवाई करनी है तो फिर अमेरिका ने जैसे ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए ऑपरेशन चलाया था, वैसे ही भारत को भी एक कोवर्ट ऑपरेशन को अंजाम देना होगा।
वर्ष 2011 में अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए ऑपरेशन नेप्च्यून स्पीयर या ऑपरेशन जेरेनिमो चलाया था। सबसे अहम सवाल यह है कि क्या भारत अमेरिका की तरह ऐसे ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम है। जानिए आखिर इस मामले में सुरक्षा विशेषज्ञों का क्या कहना है।
चाहिए एक मजबूत राजनीतिक इच्छा शक्ति
- भारत में क्षमता है कि वह एक सफल कोवर्ट ऑपरेशन को अंजाम दे सके।
- इस ऑपरेशन को बहुत ही छोटा रखना होगा।
- इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी तरह की गलतियों की कोई गुंजाइश न हो।
- भारत की सेना को दुनिया की सबसे सम्मानित और प्रोफेशनल सेना माना जाता है।
- रीयल टाइम इंटेलीजेंस इंफॉर्मेशन सेनाओं को सबसे ज्यादा मदद कर सकती है।
- कोवर्ट ऑपरेशन की सफलता एजेंसियों को मिली इंटलीजेंस पर काफी हद तक निर्भर करती है।
- फेल इंटलीजेंस की वजह से सेना को एक बड़ी असफलता हाथ लग सकती है।
- सिक्योरिटी एजेंसियों को हर मिनट सटीक इंटेलीजेंस ही इस ऑपरेशन को सफल बना सकती है।
- जैसे ही टारगेट अपना ठिकाना बदले एजेंसियों को तुरंत इसकी जानकारी मिलनी चाहिए।
- भारत सिर्फ एक मजबूत राजनीतिक इच्छा शक्ति के दम पर ही इस तरह के ऑपरेशन को चला सकता है।
- हाल ही में म्यांमार में चलाए गए ऑपरेशन के बाद भारत ने इस बात का सुबूत भी दे दिया है।
- भारत के पास ऐसे कई विशेषज्ञ हैं जो इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं।
क्या किया था अमेरिका ने
- हमेशा इस बात का ध्यान रखना होगा कि इस तरह के किसी भी ऑपरेशन को चुपचाप अंजाम दिया जाता है।
- अमेरिका लादेन के खिलाफ जब ऑपरेशन चलाया तो उसने इस नियम का सख्ती के साथ पालन किया।
- अमेरिका के रवैये से एक बार को यह लगा था कि लादेन के खिलाफ सारे प्रयास बंद हो गए हैं।
- कई वर्षों तक अमेरिका की चुप्पी के बाद उसके अफगानिस्तान की तोरा-बोरा पहाड़ियों में छिपे होने की खबरें आर्इं।
- फिर एक दिन दुनिया को पता चला कि लादेन मर गया है और उसे समंदर में दफना दिया गया है।
- अमेरिका के इस ऑपरेशन के बाद कई तरह की बातें भी सामने आईं।
- अमेरिका ने कभी भी उस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
- कोवर्ट ऑपरेशन के लिए जरूरी सबसे बड़े नियम का उसने पालन किया।
- उसने आज तक अपने उस सोर्स को सुरक्षित रखा है जिसने उसे लादेन की जानकारी दी थी।












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