Tejas Crash: दुबई में कैसे हुआ तेजस क्रैश? रिटायर एयरफोर्स अफसर ने किया बड़ा दावा, फाइटर जेट पर भी कही ये बात
Tejas Crash: दुबई एयरशो में शुक्रवार (21 नवंबर) को भारतीय वायुसेना के तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई। उनके निधन ने न सिर्फ एयरफोर्स बल्कि पूरे देश को गहरे दुख में डूबो दिया है। हादसा उस समय हुआ जब वे एयर-शो के अंतिम दिन लो लेवल एरोबेटिक डिस्प्ले कर रहे थे।
सेवानिवृत्त (रिटायर) एयर मार्शल संजीव कपूर ने इस दुर्घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पूरे सिस्टम को यह हादसा हिला कर रख गया है। उन्होंने कहा कि जांच समिति अब हर तकनीकी पहलू को खंगालेगी ताकि पता चल सके कि गलती कहां हुई। कपूर के मुताबिक कारण मैकेनिकल भी हो सकता है या फिर किसी कंट्रोल सिस्टम में खराबी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से ही स्पष्ट होगा कि विमान के साथ आखिरी क्षणों में क्या हुआ। उन्होंने कहा कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और एक साथी को खो देना बेहद पीड़ादायक है।
🟡 रिटायर एयर मार्शल संजीव कपूर ने बताया क्यों हुआ होगा ये हादसा?
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक एयर मार्शल संजीव कपूर ने कहा,
"दुबई में हुए तेजस क्रैश ने असल में पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। इसकी वजह मैकेनिकल हो सकती है। इसकी वजह फ्लाई-बाय-वायर या किसी कंट्रोल सरफेस में खराबी हो सकती है। FDR और CVR निकाले जाएंगे। इस स्टेज पर, अंदाजा लगाना और यह कहना कि क्या गलत हुआ होगा, गलत है, और एक भाई को खोना बहुत दुख की बात है।"
🟡 आग का गोला बनी तेजस, वीडियो देख हर कोई हैरान
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिखा कि कैसे तेज गति से नीचे आते विमान ने जमीन से टकराते ही भीषण विस्फोट किया और देखते ही देखते पूरा मलबा आग के गोले में बदल गया। दुबई एयरशो का आखिरी दिन था और हजारों दर्शक यह प्रदर्शन देखने पहुंचे थे। हादसे के बाद एयरशो को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। मौके पर फायरफाइटर्स और रेस्क्यू टीम करीब 45 मिनट तक राहत कार्य में जुटी रही।
यह दूसरा मौका है जब भारतीय वायुसेना में शामिल की गई स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में एक तेजस क्रैश हुआ था जिसमें पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया था।
🟡 देश ने खो दिया एक होनहार योद्धा
हादसे के बाद पूरे देश में विंग कमांडर स्याल के लिए संवेदनाओं की बाढ़ आ गई। रक्षा विशेषज्ञ शिवली देशपांडे ने कहा कि देश इस क्षति से दुखी है और जांच पूरी होने तक धैर्य रखना जरूरी है। भारतीय वायुसेना ने भी आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वे अपने इस बहादुर पायलट के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर दी गई है।
🟡 कौन थे विंग कमांडर नमांश स्याल?
विंग कमांडर स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले थे। 37 वर्षीय स्याल अपने पीछे पत्नी, जो खुद भी वायुसेना में अधिकारी हैं, छह वर्षीय बेटी और माता पिता को छोड़ गए हैं। उन्होंने अफसर बनने का सपना सैनिक स्कूल सुजानपुर तिरा में पढ़ते हुए साकार किया और 24 दिसंबर 2009 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हासिल किया।
उनके परिजनों के मुताबिक स्याल के माता पिता इस समय कोयंबटूर के पास सुलूर एयरफोर्स स्टेशन में हैं। उनकी पत्नी को हादसे की सूचना कोलकाता में दी गई, जहां वे एक कोर्स के लिए गई थीं। उनके पिता जगन्नाथ स्याल सेना की मेडिकल कोर में रहे और बाद में शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए।
🟡 हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर
स्याल की मौत की खबर से उनका गृह राज्य भी सदमे में डूब गया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए कहा कि देश ने एक बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ पायलट को खो दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी इस घटना को अत्यंत दर्दनाक बताया और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
🟡 हादसे के वक्त क्या हुआ था?
तेजस विमान ने दुबई एयरशो में अपना प्रदर्शन शुरू ही किया था कि कुछ ही क्षण बाद वह तेजी से नीचे आया और जमीन से टकरा गया। धुएं के काले बादल दूर तक दिखाई दिए और कुछ देर के लिए पूरा कार्यक्रम रोक दिया गया। यह दुनिया के सबसे बड़े एविएशन शो में से एक है जिसमें 150 से ज्यादा देश हिस्सा ले रहे हैं।
घटना के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर विमान के साथ अंतिम क्षणों में क्या हुआ। यह हादसा न सिर्फ तेजस कार्यक्रम के लिए बल्कि भारतीय वायुसेना के लिए भी एक बड़ी चुनौती की तरह सामने आया है। देश अपने इस वीर पायलट की शहादत को हमेशा याद रखेगा।












Click it and Unblock the Notifications