बयान देकर बुरे फंसे राहुल, पार्टी और सरकार ने भी झाड़ा पल्ला

दरअसल राहुल ने इंदौर रैली के दौरान कहा कि उन्हें ये जानकारी मिली है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ित युवकों से संपर्क कर रही है। राहुल ने इस सनसनीखेज बयान के बाद उनपर झूठे बयानबाजी का आरोप लग रहा है। कांग्रेस के पास भी उनका बचाव करने के लिए कोई दलील नहीं है, ऐसे में पार्टी ने कुछ को उनके इस बयान ने किनारा कर लिया है।
इस बयान पर गृहमंत्रालय पूरी तरह चुप है। आईबी ने साफ कर दिया है कि दंगा पीड़ितों से आईएसआई के संपर्क की रिपोर्ट एजेंसी ने नहीं दी थी। हर तरफ से राहुल के बयान की विश्वसनियता सवालों के घेरे में घिरती जा रही है। अखबार इकोनॉमिक टाइम्स ने गृह मंत्रालय के कुछ अफसरों के हवाले से खबर दी है कि आईबी से ऐसा कोई इनपुट नहीं मिला था कि ISI मुजफ्फरनगर में कुछ नौजवानों को बरगला रही है।
आईबी ने साफ किया है कि ना तो उन्होंने कोई ऐसी रिपोर्ट बनाई है। अगर बनाई भी होती तो वो या तो यूपी सरकार को दी जाती या फिर केन्द्र सरकार को। आईबी के इस बयान के बाद दंगा पीड़ित नाराज हो गए है। उनका कहना है की राहुल का ये बयान बड़ा गैर जिम्मेदाराना है। पीड़ितों ने कहा आईएसआई से जोड़कर उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।












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