त्रिपुरा के पहले पद्मश्री विजेता हिमांग्शु मोहन चौधरी का निधन
त्रिपुरा के पहले पद्मश्री अवॉर्ड विजेता हिमांग्शु मोहन चौधरी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने बांग्लादेश लिबरेशन के दौरान काफी अहम भूमिका निभाई थी।

त्रिपुरा के पहले पद्मश्री अवार्ड विजेता हिमांग्शु मोहन चौधरी का निधन हो गया है। हिमांग्शु रिटायर्ड सिविल सेवा अधिकारी और मानवतावादी थे, उनका 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
बांग्लादेश लिबरेशन वॉर के दौरान हिमांग्शु बतौर सब डिविजनल अधिकारी सोनमर्ग में तैनात थे, इस दौरान उन्होंने 2.5 लाख बांग्लादेशी नागरिकों की मदद की थी, जो बांग्लादेश से भागकर त्रिपुरा आए थे।
हिमांग्शु ने इन तमाम शरणार्थियों के लिए टेंट बनवाए, अस्थायी किचन बनवाया, इन लोगों के लिए खाना और शेल्टर की व्यवस्था की। 1072 में हिमांग्शु को देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया था।
तत्कालीन बांग्लादेश की सरकार ने भी हिमांग्शु मोहन चौधरी को उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया था। जिस तरह से लगन और स्वेच्छा से उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों की मदद की थी उसके लिए उन्हें बांग्लादेश की सरकार ने सम्मानित किया था।
हिमाग्शु मोहन चौधरी के निधन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा ने भी दुख जाहिर किया है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, हिमांग्शु मोहन चौधरी के निधन की खबर से बेहद दुखी हूं, वह त्रिपुरा के पहले पद्मश्री अवॉर्ड विजेता थे। उनकी आत्मा को शांति मिले, ओम शांति।












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