Hijab Row: '...जनता देख रही उनका रवैया', KTR ने कर्नाटक में हिजाब विवाद पर सिद्धारमैया की आलोचना की
तेलंगाना के पूर्व मंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के कल्वाकुंतला तारक राम राव (KTR) ने हिजाब विवाद पर 'यू-टर्न' लेने के लिए कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने के बाद वादाखिलाफी के लिए जानी जाती है।
जब केटीआर से कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध हटाने पर उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि नहीं, उन्होंने अभी तक प्रतिबंध नहीं हटाया है। कर्नाटक के सीएम ने कहा कि वह अभी भी इस बारे में सोच रहे हैं। कांग्रेस इसी लिए जानी जाती है। चुनाव से पहले वादे करना और फिर उन्हें पूरा न करके तोड़ देना। सिर्फ कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि तेलंगाना में भी ऐसा हो रहा है।

क्या था CM सिद्धारमैया का ऐलान?
दरअसल, बीते शुक्रवार को मैसूरु में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा था कि हम हिजाब पर प्रतिबंध वापस ले लेंगे, जो पिछली बीजेपी सरकार द्वारा लगाया गया था। मैंने अधिकारियों को इस बारे में निर्देशित कर दिया है और जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश आ जाएगा। क्या पहनना है और क्या खाना है यह व्यक्तिगत पसंद है। सरकार ऐसे मुद्दों पर अड़ंगा क्यों लगाए? जो चाहो पहनो और जो मन करे वही खाओ।
कर्नाटक के सीएम हिजाब पर लिया यू-टर्न
हालांकि, अगले दिन यानी शनिवार को सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध अभी नहीं हटाया गया है। हमने अभी तक प्रतिबंध नहीं हटाया है। हम इस बारे में सोच रहे हैं। विशेषज्ञों से बात करने के बाद हम कोई फैसला लेंगे।
कब उठा हिजाब पर विवाद?
हिजाब विवाद पहली बार पिछले साल जनवरी में शुरू हुआ था, जब उडुपी में सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी (पीयू) कॉलेज के छह छात्रों ने संस्थान के प्रशासन पर उन्हें हिजाब के साथ परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया था। प्रवेश से इनकार के बाद मुस्लिम लड़कियों ने संस्थान के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जवाब में, कई हिंदू छात्रों ने कई शैक्षणिक संस्थानों में भगवा शॉल पहनकर कक्षाओं में भाग लेना शुरू कर दिया था।












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