रेल बजट:'प्रभु' के रेल मे होगी ये 10 खास बातें
नयी दिल्ली। रेलवे की खस्ताहाली के बीच रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपना पहला बजट पेश करने वाले हैं। मोदी सरकार के इस पहले रेल बजट को लेकर जहां लोग उत्साहित हैं तो वहीं विपक्षी दलों की नजर भी प्रभु की रेल पर होगी। इस रेल बजट में किराये-भाड़े पर लोगों की खास नजर होगी। साथ ही लोग यह भी देखेंगे कि बजट सेवाओं में सुधार, सुरक्षा और साफ सफाई के लिए क्या पहल की जा रही है।

देखिए रेल बजट में क्या हो सकता है खास
रेल बजट में नई सरकार के मेक इन इंडिया पहल से जुड़े प्रस्ताव शामिल किए जाने की संभावना है।
किराये में कटौती की संभावना से पहले ही इंकार किया जा चुका है, लेकिन रेल मंत्री सुरेस प्रभु के सामने रेलवे की आमदनी और भारी आवश्यकताओं के बीच संतुलन साधने की एक बड़ी चुनौती होगी।
ऐसे में हो सकता है कि रेलमंत्री माल भाड़े को बढ़ाकर यात्री सेवाओं को सस्ता रखने की और सब्सिडी को घटाने का ऐलान कर सकते हैं।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत रेल बजट में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिये जाने की संभावना है।
बुलेट ट्रेन के वादे को ध्यान में रखकर प्रभु मुंबई-अहमदाबाद के बीच महत्वकांक्षी तीव्र गति वाली ट्रेन परियोजना की घोषणा कर सकते हैं।
रेल गाड़ियों का ईंधन बचाने के लिए रेल मंत्भीरी सोलर ऊर्जा को लेकर ऐलान किया जा सकता है। इससे रेलवे को आर्थिक रूप से लाभ भी होगा।स्टेशनों, रेलगाड़ियों के रखरखाव और लम्बी दूरी की रेल गाड़ियों के लिए विदेशी निवेशकों को मौका दिया जा सकता है।
देश में प्रस्तावित रेलवे विश्वविद्यालय को लेकर इस बजट में रेल मंत्री सुरेश प्रभु को इस बारे में धन का प्रावधान कर काम आगे बढ़ा सकते है।
रेलमंत्री अपने बजट में चारधाम यात्रा को रेलमार्ग से जो़ड़ने का ऐलान कर सकते हैं। इस बजट में रेलमंत्री चारधाम यात्रा को सुगम बनाने को लेकर ऐलान कर सकते हैं।
रेल बजट में सरकार ने खाली पड़े पदों पर भर्ती की बात कर सकती है। इससे कई बेरोजगारों को काम भी मिलेगा।
देश में विकसित रेल टक्कर रोधी प्रणाली की शुरुआत कोंकण से की गई थी। माना जा रहा है कि इस रेल बजट में रेल मंत्री को इस महत्वपूर्ण योजना पर ध्यान दे सकते हैं। यह प्रणाली रेल दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर है।
आरक्षण व्यवस्था में सुधार को लेकर रेलमंत्री ऐलान कर सकते हैं।राजधानी और शताब्दी मार्गों पर यात्रा समय में कमी लाने के लिये बजट में बहु-प्रतीक्षित 20 ट्रेन खरीदने की योजना की भी घोषणा की जा सकती है।
बजट में मेक इन इंडिया पहल के तहत 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिये रेलवे के चेन्नई कारखाने में उपयुक्त डिब्बों के विनिर्माण की योजना की भी घोषणा की जा सकती है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने के लिये रेलमंत्री राष्ट्रीय परियोजना के रूप में इन क्षेत्रों के लिये डेमू सेवाओं की घोषणा कर सकते हैं।












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