प्रशांत बोस: क्या झारखंड पुलिस ने एक करोड़ के इनामी नक्सली को गिरफ़्तार किया है?

झारखंड पुलिस
Ravi Prakash/BBC
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क्या झारखंड पुलिस ने शीर्ष नक्सली नेता और एक करोड़ रुपये के इनामी प्रशांत बोस उर्फ़ किशन दा और उनकी उनकी पत्नी शीला मरांडी को गिरफ़्तार कर लिया है?

यह सवाल अभी तक पहेली बना हुआ है. क्योंकि, पुलिस ने इनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि नहीं की है.

झारखंड के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) नीरज सिन्हा ने मीडिया से सिर्फ़ इतना कहा कि हमने कुछ लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया है. अभी उनकी पहचान होनी बाक़ी है.

डीजीपी ने बताया, "हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. पूछताछ से संतुष्ट होने और उनकी पहचान कन्फर्म होने के बाद ही हम यह बता पाने की स्थिति में होंगे कि पकड़े गए लोग कौन हैं."

झारखंड के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) नीरज सिन्हा ने मीडिया से सिर्फ़ इतना कहा कि हमने कुछ लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया है. अभी उनकी पहचान होनी बाक़ी है
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झारखंड के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) नीरज सिन्हा ने मीडिया से सिर्फ़ इतना कहा कि हमने कुछ लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया है. अभी उनकी पहचान होनी बाक़ी है

स्थानीय मीडिया में ख़बर

हालाँकि, पुलिस की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के बावजूद राँची के अख़बारों ने भाकपा (माओवादी) के शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को जमशेदपुर के पास एक टोल प्लाज़ा से हिरासत में लिए जाने की ख़बरें प्रमुखता से छापी है.

अखबारों ने लिखा है कि किशन दा के साथ उनकी पत्नी व दो अन्य सहयोगी भी पकड़े गए हैं.

ये कार्रवाई सरायकेला खरसांवा ज़िले की पुलिस ने कांड्रा टोल प्लाज़ा के पास शुक्रवार की शाम की.

पुलिस कार्रवाई का वीडियो वायरल

पुलिस द्वारा एक गाड़ी में सवार कुछ लोगों को हिरासत में लेते वक्त का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है.

इसमें दिख रहे शख़्स का चेहरा किशन दा से मिलता-जुलता बताया जा रहा है.

पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्ति के बारे में कहा जा रहा है कि वे प्रशांत बोस हैं लेकिन पुलिस ने इस पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है
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पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्ति के बारे में कहा जा रहा है कि वे प्रशांत बोस हैं लेकिन पुलिस ने इस पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है

कौन हैं प्रशांत बोस

अपनी उम्र के आठवें दशक में लंबे वक्त से बीमार चल रहे प्रशांत बोस उर्फ़ किशन दा माओवादियों के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (ईआरबी) के सचिव हैं. उनके ख़िलाफ़ सिर्फ़ झारखंड में क़रीब छह दर्जन मामले दर्ज हैं.

इसके अलावा पश्चिम बंगाल और दूसरे पड़ोसी राज्यों के विभिन्न थानों में भी उनके ख़िलाफ़ कुछ रिपोर्टें पहले से दर्ज हैं. झारखंड पुलिस ने उनपर एक करोड़ का इनाम रखा है.

ईआरबी सचिव के बतौर प्रशांत बोस के पास झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम व पूर्वोतर के दूसरे राज्यों का प्रभार है. एमसीसीआई व पीडब्लूजी के साल 2004 में हुए विलय से पहले वे एमसीसीआई के प्रमुख थे.

दोनों संगठनों के विलय के बाद कोटेश्वर राव भाकपा माओवादी के प्रमुख बनाए गए और प्रशांत बोस ईआरबी के सचिव. तबसे उनकी हैसियत इस संगठन में सेकेंड इन कमान की थी. वे कोलकाता के जादवपुर इलाक़े के रहने वाले हैं.

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