Haryana: हरियाणा की ‘प्राण वायु देवता स्कीम', जानिए क्यों है खास
हरियाणा सरकार वृक्षारोपड़ को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है। सीएम नायब सिंह सैनी सरकार ने वृक्षों के रखरखाव और और पौधरोपड़ को लेकर जागरूकता अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। चंडीगढ़ में इस हफ्ते वृक्षारोपण गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए 'वन मित्र' योजना की शुरुआत की गई।
हरियाणा में प्राण वायु देवता स्कीम चलाई जा रही है। स्कीम के तहत पेड़ों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार ने जिले की अलग-अलग पंचायतों व शहरी क्षेत्र में स्थित 75 से 150 वर्ष तक के 120 पुराने पेड़ों को जिला वन विभाग ने पहले साल की 2750 रुपये पेंशन जारी कर दी है।

इन पड़ों को मिल रहा प्रोत्साहन
हरियाणा में वन विभाग कुल 9 प्रकार के पेड़ों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहन दे रहा है। जिन पेड़ों की उम्र की उम्र 75 वर्ष से लेकर 150 वर्ष है, उन्हें स्कीम के दायरे में रखा गया है। योजना के तहत पीपल, बरगद, पिलखन, चार जांडी, नीम, जाल, कैंब, केंदू समेत कई प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। बता दें कि हरियाणा प्रदेश पेड़ों को पेंशन देने वाला पहला राज्य है।
चंडीगढ़ में 'प्राण वायु देवता स्कीम' का ब्रॉशर का विमोचन
सोमवार को चंडीगढ़ में वन एवं वन्य जीव विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर वृक्षारोपण गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए 'वन मित्र' योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में 'प्राण वायु देवता स्कीम' का ब्रॉशर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव राज्यमंत्री श्री संजय सिंह जी उपस्थित रहे।
क्या है प्राण वायु देवता स्कीम?
हरियाणा सरकार द्वारा पेड़ों की सुरक्षा के लिए'प्राण वायु देवता योजना' चलाई जा रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य में 75 साल या उससे अधिक उम्र के पेड़ों की देखभाल के लिए 2500 रुपये हर महीने की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। हाल ही में करनाल में 75 से 150 वर्ष तक के 120 पुराने पेड़ों को जिला वन विभाग ने पहले वर्ष की 2750 रुपये पेंशन की जारी की है। इस योजना के चलते पेड़ों को पेंशन देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।












Click it and Unblock the Notifications