Haridwar Hate Speech Case: सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को सरेंडर करने के लिए कहा
नई दिल्ली, 29 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट से जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत खारिज कर दी है। कोर्ट ने सोमवार (29 अगस्त) को मुसलमानों के खिलाफ कथित भड़काऊ भाषण से जुड़े हरिद्वार धर्म संसद मामले के आरोपी जितेंद्र नारायण त्यागी को 2 सितंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार हेट स्पीच मामले के आरोपी जितेंद्र नारायण त्यागी को 2 सितंबर तक सरेंडर करने को कहा है। जितेंद्र नारायण त्यागी जो पहले वसीम रिजवी के नाम से मशहूर थे फिलहाल मेडिकल जमानत पर बाहर हैं। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने चिकित्सा आधार पर पहले दी गई जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह त्यागी द्वारा नौ सितंबर को दायर नियमित जमानत याचिका पर विचार करेगी।
बेंच ने त्यागी के वकील से कहा कि उनको राहत देने का कोई वजह नहीं है। उनके खिलाफ कई मामले लंबित हैं। उनको आत्मसमर्पण करने के लिए कहें। सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को त्यागी को चिकित्सीय आधार पर तीन महीने की अंतरिम जमानत दे थी और उन्हें यह वचन देने का निर्देश दिया कि वह अभद्र भाषा में लिप्त नहीं होंगे और इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल या सोशल मीडिया पर कोई बयान नहीं देंगे।
बता दें कि इस साल मार्च में उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज करने के बाद त्यागी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस साल 2 जनवरी को हरिद्वार कोतवाली में ज्वालापुर हरिद्वार निवासी नदीम अली की शिकायत पर उसके और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।












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