Odisha News: कट्टर माओवादी ने ओडिशा पुलिस के सामने किया सरेंडर, बताई चौंकाने वाली वजह
ओडिशा के फुलबनी में मंगलवार को कट्टर माओवादी और केकेबीएन डिवीजन के कमांडर ने आईजीपी (दक्षिणी रेंज) जय नारायण पंकज के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी की पहचान कंधमाल-कालाहांडी-बौध-नयागढ़ (केकेबीएन) डिवीजन के डिवीजनल कमेटी (डीसीएम) सदस्य समय मडकम उर्फ अमित के रूप में की गई है।
आईजीपी (दक्षिणी रेंज) जय नारायण पंकज ने बताया कि सीपीआई माओवादियों के एक वरिष्ठ कैडर, समय मदकम उर्फ पुनीत उर्फ अमित ने आज आत्मसमर्पण किया है। वह छत्तीसगढ़ के सुकमा का रहने वाला था और यहां वह केकेबीएन डिवीजन की 8वीं कंपनी का नेतृत्व कर रहा था। वह सुकमा, बीजापुर, नोआपाड़ा और अन्य में सक्रिय था।

मडकम 2005 में किस्टाराम एरिया कमेटी, सीतानदी एलओएस, उदंती एलओएस, मैनपुर एलजीएस, नुआपाड़ा-छत्तीसगढ़ सीमा में धर्मबंधन प्लाटून, केकेबीएन डिवीजन में 8वीं कंपनी में शामिल हुआ। अब डिवीजन की 8वीं कंपनी में पहली प्लाटून के कमांडर के रूप में आत्मसमर्पण कर दिया।
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'जान का डर सताने लगा तो किया सरेंडर'
मीडिया से बात करते हुए मडकम ने कहा कि बचपन में उनका ब्रेनवॉश कर दिया गया था और उसने अपनी आधी जिंदगी गैरकानूनी संगठन में बिताई थी। अब वह उस जिंदगी को पीछे छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होकर अपने परिवार के साथ सामान्य जिंदगी जीना चाहता है। उसने कहा कि हाल ही में मुठभेड़ों में बढ़ोतरी से उसे अपनी जान का डर सताने लगा था और इसलिए उसने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।
उसने आगे बताया कि मैं 10 साल का था, जब मैं छत्तीसगढ़ से ओडिशा पहुंचा। मैं 2008 में सीपीआई में शामिल हुआ। एक बच्चे के रूप में मेरा ब्रेनवॉश किया गया और मैंने अपना आधा जीवन इसी तरह बिताया। अब मैं मुख्यधारा में शामिल होना चाहता हूं और सामान्य जीवन जीना चाहता हूं।
मडकम पर 17 मामले दर्ज
मडकम राज्य के खिलाफ कई अपराधों और हिंसक गतिविधियों में शामिल है। उसके खिलाफ कंधमाल, बौध और नुआपाड़ा जिलों में कम से कम 17 मामले दर्ज हैं। उन्हें सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ में भी ऐसे और भी मामले होने की संभावना है।












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