Gyanvapi Case: मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका, ज्ञानवापी में ASI सर्वे पर नहीं लगेगी रोक
Gyanvapi Supreme Court: वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के ASI सर्वे के खिलाफ याचिका पर मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले में ASI सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और चार सप्ताह के भीतर सर्वे को पूरा करने के लिए कहा है। यानी कि अब ASI को सर्वे के लिए नीचली अदालत से लेकर शीर्ष अदालत तक से मंजूरी मिल गई है। वहीं इसे हिंदू पक्ष की बड़ी जीत मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
ASI के हलफनामे को पढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से कहा कि इमारत को जब कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा तो सर्वे से क्या दिक्कत है? सुप्रीम कोर्ट ने ASI को सलाह देते हुए कहा कि किसी भी तरह की खुदाई नहीं होनी चाहिए। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि मस्जिद को छुआ न जाए और कोई खुदाई न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा सभी पक्षों के हमने सुना हैं। हाईकोर्ट ने ASI के एडिशन डायरेक्टर जनरल के बयान के दर्ज किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एएसआई ने शीर्ष अदालत को भरोसा दिया कि किसी भी तरह से इमारत को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

ASI ने अपने हलफनामे मे क्या कहा?
ASI ने हलफनामा देते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय में उनके हलफनामे से पहले संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। हम सुप्रीम कोर्ट के हर आदेश का पालन करेंगे।
मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा?
ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति की तरफ से वकील हुजेफा अहमदी ने कहा कि सर्वे की जरूरत ही क्या है? सैकड़ों साल पहले क्या हुआ, यह जानना क्यों जरूरी है? क्या यह प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट का उल्लंघन नहीं है? अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा कि आपने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट की बात कही थी। इसे भी आदेश में लिखवाइए।
जस्टिस पारडीवाला ने कहा कि जो आदेश चीफ जस्टिस ने लिखवाया है, वह पर्याप्त है।












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