भाजपा नेताओं को सोंच समझकर और तौल कर बोलना चाहिए: मनमोहन सिंह

पीएम ने गांधी परिवार का बचाव करते हुए कहा कि आज उस परिवार पर आरोप लगाये जा रहे हैं, ये कोई नहीं देखता की उस परिवार ने देश के लिए कितनी कुर्बानियां दी हैं। भाजपा ने 1991 में आये आर्थिक सुधारों का विरोध किया। इसके नेताओं ने कम्यप्यूटरीकरण का भी विरोध किया। ये लोग जिससे प्रेरणा प्राप्त करते हैं, उसे सांम्प्रदायिक बताते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल ने उस संस्था पर प्रतिबंध भी लगाये थे। ये लोग जो नकारात्मक राजनीतिक करते हैं वो देश का क्या विकास करेंगे।
मध्य प्रदेश के बारे में उन्होने कहा कि इस राज्य में केंद्र से मिल रही योजनाओं का सही लाभ नहीं उठाया गया है। साक्षरता में भी यह राज्य भारत के अन्य 20 राज्यों से पीछे है लेकिन फिर भी इस राज्य की गलत तस्वीर जनता के सामने पेश की जा रही है। उन्होने मतदाताओं को सलाह दी है कि उन्हें वोट करने से पहले कांग्रेस के नौ साल के कार्यकाल को देखना चाहिए और यूपीए के कार्यकाल का अध्ययन करना चाहिए। बीते नौ वर्षों में देश ने चौतरफा तरक्की की है। गरीबों की संख्या में कमी भी तीन गुना आई है। उन्होने केंद्र सरकार द्वारा चलाई गयी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और मनरेगा का भी जिक्र किया और वोटरों को सही नेतृत्व चुनने की सलाह दी।












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