कोविड वैक्सीन पर हाई कोर्ट ने गुजरात सरकार से पूछा- 'तो आपके पास 5 साल का प्लान है'
गांधीनगर, 26 मई। गुजरात हाई कोर्ट ने बुधवार को राज्य में कोविट वैक्सीन की उपलब्धता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस रफ्तार से राज्य सरकार टीकों की खरीद कर रही है, ऐसे में वांछित लक्ष्य तक पहुंचने में 5 साल लग जाएंगे।

हाई कोर्ट की टिप्पणी तब आई जब राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए एडवोकेट जनरल कमल त्रिवेदी ने कोर्ट को बताया कि राज्य मई में 16 लाख वैक्सीन की डोज मिली है और जून में 10.7 लाख डोज मिलेगी।
इसका मतलब 5 साल का प्लान है- कोर्ट
एजी की टिप्पणी पर कोर्ट करते हुए कोर्ट ने कहा "इसका मतलब है आपके पास 5 साल की योजना है।" जिस पर एजी ने कोर्ट से कहा "हम उत्पादकों (वैक्सीन) की दया पर निर्भर हैं।"
जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और भार्गव डी करिया की बेंच राज्य में कोविड-19 मैनेजमेंट को लेकर अपील पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही थी।
एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि भारत सरकार ने अनिवार्य किया है कि वैक्सीन निर्माता किसी भी एक राज्य को उत्पादित टीकों के 50 प्रतिशत से ज्यादा न उपलब्ध कराएं।
राज्य खुद क्यों नहीं खरीद रहा वैक्सीन- कोर्ट
पीठ ने सवाल किया था "ग्लोबल टेंडर के लिए क्या समस्या आ रही है। राज्य क्यों प्रयास नहीं कर सकते?" जिस पर एडवोकेट जनरल ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा "फाइजर और मॉडर्ना राज्य सरकार के साथ डील नहीं करना चाहती हैं। वे केवल केंद्र सरकार के साथ संपर्क करना चाहती हैं।" सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।












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