Gujarat assembly election: अमित शाह के आजमाए दांव से बीजेपी को गुजरात में हराएगी कांग्रेस? पूर्व IPS संभाल रहे कमान
नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव में वापसी को लेकर कांग्रेस पार्टी जमकर जोरआजमाईश में जुटी हुई है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं और पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं सत्ता में वापसी के लिए पार्टी की ओर से हर वो दांव आजमाया जा रहा है जिसके जरिए बीजेपी सत्ता में काबिज है। पार्टी की ओर से इस खास मुहिम का नेतृत्व पूर्व आईपीएस ने संभाल रखा है। आखिर क्या है कांग्रेस का ये दांव, जिससे पार्टी के रणनीतिकार बीजेपी को चित करने का सपना संजोए हुए हैं...

गुजरात की सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस का बड़ा दांव
गुजरात में सत्ता वापसी की कवायद में जुटी कांग्रेस ने इस बार खास तैयारी की है। पार्टी नेता जहां सीधे तौर पर लोगों के बीच जा रहे हैं, उनसे मिल रहे हैं। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी रैलियां, रोड-शो के जरिए लोगों से मिल रहे हैं। इसके साथ-साथ कांग्रेस ने भी बीजेपी की तर्ज पर इस बार पूरे गुजरात में अहम कदम उठाया। पार्टी ने तीन लाख बूथ लेवल कार्यकर्ताओं को चुना है, जो गुजरात कांग्रेस को मजबूती देने में अहम रोल निभाएंगे। गुजरात कांग्रेस की इस रणनीति का मोर्चा संभाल रहे हैं रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा, जिन्होंने साल 2015 में कांग्रेस में एंट्री की थी।

बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं की तैनाती
पिछले करीब 6 महीने से कुलदीप शर्मा कांग्रेस के मुख्य चुनाव समन्वय केंद्र (CECC) का नेतृत्व कर रहे हैं। सैम एनालिटिक्स वेंकट रमानी की मदद से कुलदीप शर्मा ने गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 114 विधानसभाओं की 25 हजार बूथों पर खास तौर से बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को शामिल किया है। ये पहली बार है जब कांग्रेस ने गुजरात में जमीनी स्तर पर पहुंचने की कोशिश की है। कांग्रेस पिछले 24 साल से सत्ता से बाहर है, लेकिन पार्टी अपने इस दांव के जरिए एक बार फिर से वापसी की कवायद में जुट गई है।

रिटायर्ड आईपीएस संभाल रहे जिम्मेदारी
कुलदीप शर्मा ने बताया कि चुनावी तैयारी के लिए खास मशीनरी तैयार की गई है। इसमें प्रदेश को 6 क्षेत्रों में बांटा गया और सभी क्षेत्र में एक 'क्षेत्रीय मैनेजर' बनाए गए। ये 'रिजनल मैनेजर' क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें। कांग्रेस से जुड़े इन कार्यकर्ताओं की कोशिश यही है कि गांव-गांव में जाएं और कांग्रेस पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ें। जिससे चुनाव के दौरान ये कार्यकर्ता ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी के पक्ष में वोट कराने के लिए ला सकें।

24 साल से गुजरात में सत्ता से बाहर है कांग्रेस
बता दें की कांग्रेस ने ये दांव बिल्कुल बीजेपी की तर्ज पर शुरू किया है। इसी तरह से बीजेपी के 'चाणक्य' माने जाने वाले अमित शाह ने भी बूथ स्तर पर सियासी रणनीति बनाई। जिसका फायदा बीजेपी को मिला और गुजरात में बीजेपी लगातार सत्ता में काबिज है।












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