Gujarat: विसनगर अदालत ने हार्दिक पटेल का गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट को किया रद्द
गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। उनके खिलाफ बुधवार को जारी किए गए गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट को अदालत ने रद्द करते हुए जमानत दे दी है।
नई दिल्ली। गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। उनके खिलाफ बुधवार को जारी किए गए गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट को अदालत ने रद्द करते हुए जमानत दे दी है। बुधवार को महेसाणा जिले की एक अदालत ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। महेसाणा के विसनगर की सेशन कोर्ट ने लगातार तीन तारीखों पर गैरहाजिर रहने के चलते आज हार्दिक और उनके साथ आरोपी बनाए गए दूसरे 18 लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया था, इसमें पाटीदारों के एक दूसरे संगठन सरदार पटेल ग्रुप के प्रमुख लालजी पटेल के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया गया। वारंट जारी होने के बाद बुधवार शाम को हार्दिक ने कहा था कि वो सरेंडर करने के लिए तैयार हैं। विसनगर कोर्ट ने हार्दिक को जमानत दे दी है।

हार्दिक के खिलाफ वारंट जुलाई 2015 को विसनगर में पाटीदारों को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर निकाली जा रही रैली में शामिल लोगों के हिंसा करने, स्थानीय भाजपा विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोडफोड़ करने और वाहनों को आग लगाने से जुडे़ मामले में जारी किया गया था। इस मामले में हार्दिक को बीते साल गुजरात हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। 2015 में पाटीदारों के आरक्षण के लिए आंदोलन चलाकर हार्दिक चर्चा में आए थे। आंदोलन के दौरान कई जगह हिंसा भी हुई थी। हार्दिक इसके बाद जेल में भी रहे थे।
हार्दिक का पाटीदारों के बीच में काफा प्रभाव माना जाता है। गुजरात में साल के आखिर में होने वाले इलेक्शन में उनकी अहम भूमिका मानी जा रही है। हार्दिक ने गुजरात में भाजपा को हराने का ऐलान किया हुआ है। उनके राहुल गांधी से मुलाकातों को लेकर भी चर्चा है। गुजरात में दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।












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