जब जनेऊ धारण कर तीन मुस्लिम भाइयों ने उठाई 'ब्राह्मण चचा' की अर्थी, भावुक कर देगी ये खबर

नई दिल्ली। गुजरात के अमरेली जिले में तीन मुसलमानों भाईयों ने अपने पिता के हिन्दू दोस्त का तमाम रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया। मृतक भानुशंकर पांड्या इन भाईयों के पिता के दोस्त थे। जिनका अपना परिवार नहीं था। काफी समय से वो बीमार थे, बीमारी की हालत में भी इन तीन भाईयों ने ही उनका ध्यान रखा।

चाचा का पिता की तरह रखा ख्याल

चाचा का पिता की तरह रखा ख्याल

इन तीनों मुस्लिम भाइयों के पिता भीखू कुरैशी और मृतक भानुशंकर पांड्या मित्र थे। अमरेली के सावरकुंडला कस्बे के भानुशंकर इस मुस्लिम परिवार के साथ कई सालों से रह रहे थे। भीखू की मौत के बाद उनके बेटों, अबू, नसीर और जुबैर ने भानुशंकर को साथ ही रखा और उनका पिता की तरह ही ख्याल रखा।

सिर भी मुंडवाएंगे

सिर भी मुंडवाएंगे

भानुशंकर की मौत हुई तो अबू, नसीर और जुबैर ने ये पूरा ध्यान रखा कि उनके अंतिम संस्कार में कोई कर्मकांड छूटे नहीं। उन्होंने जनेऊ पहनकर अर्थी को कंधा दिया और बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। हिंदू संस्कृति से वो 12 दिन बाद सिर भी मुंडवाएंगे। तीनों भाईयों का कहना है कि हमारे लिए तो वो पिता की ही तरह थे। ऐसे में उन्होंने कुछ खास नहीं किया, बस अपना फर्ज निभाया हैं।

बीमारी में भी रखा परिवार ने भानुशंकर का ख्याल

बीमारी में भी रखा परिवार ने भानुशंकर का ख्याल

तीनों भाइयों के पिता भीखू कुरैशी और भानुशंकर पांड्या पिछले 40 सालों से अच्छे दोस्त थे। अबु ने बताया कि भानुशंकर चाचा का अपना परिवार नहीं था। कई सालों पहले एक दुर्घटना में उनका पैर टूट गया था, जिसके बाद हमारे पिता ने उनसे हमारे साथ आकर रहने के लिए कहा, तब से वो हमारे साथ ही रहते थे। हम उनको चाचा और हमारे बच्चे उन्हें दादा कहा करते थे।

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