डीयू स्नातक, स्नातकोत्तर और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के लिए दिशा-निर्देश जारी, जानिए गाइडलाइन में क्या है?
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने गुरुवार को कोरोनावायरस प्रेरित लॉकडाउन के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों में शामिल सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए प्रथम वर्ष व दूसरे वर्ष के छात्रों की परीक्षा नहीं लेने का निर्णय लिया है। यह दिशा-निर्देश में प्रथम व दूसरे वर्ष के कॉलेजों में पढ़ने वाले रेगुलर छात्रों, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग, एसओएल के छात्र और नॉन कॉलिजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) की छात्राओं के लिए हैं।

डीयू के परीक्षा डीन प्रो विनय गुप्ता ने जारी दिशा-निर्देश में कहा कि प्रथम और दूसरे वर्ष के छात्रों की ओपन बुक परीक्षा नहीं होंगी। प्रथम व दूसरे वर्ष के रेगुलर छात्रों की बात की जाए तो उनका मूल्यांकन 50 फीसदी वर्ष सेमेस्टर के लिए दिए गए असाइंमेंट के आधार पर होगा।

वहीं, 50 फीसदी छात्रों का मूल्यांकन पिछले सेमेस्टर में लाए गए अंकों के आधार पर होगा, लेकिन एसओएल के प्रथम व दूसरे वर्ष के छात्रों की और एनसीवेब के प्रथम व दूसरे वर्ष के छात्रों की बात करें तो इनका मूल्यांकन इन्हें दिए गए असाइंमेंट के आधार पर किया जाएगा।

डीयू के कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के प्रो बलराम पाणि ने कहा कि एसओएल के सभी प्रथम व दूसरे वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं नहीं होंगी और उन्हें दिए गए असाइंमेंट और प्रोजेक्ट के आधार पर इनके मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि जून के अंत तक या जुलाई तक इनके मूल्यांकन कर लिए जाएंगे, जबकि डीयू के रेगुलर, एसओएल और एनसीवेब के स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों की ही परीक्षाएं जुलाई में होंगी। साथ ही, पीजी के अंतिम वर्ष के छात्रों की भी परीक्षाएं होगी, लेकिन उन्हें ओपन बुक परीक्षा देनी होगी।












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