कोरोना वायरस: प्राइवेट अस्पतालों, डॉक्टरों के लिए जारी हुई गाइडलाइन
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार की ओर से सभी डॉक्टरों और प्राइवेट अस्पतालों के लिए गाइडलाइन जारी गई है। इसमें बताया गया है कि कैसे कोरोना के किसी भी संदिग्ध को ट्रीट करना है। गाइडलाइन में कहा गया है कि किसी भी मरीज में कोरोना के लक्षण देखने पर बहुत जरूरी है कि ऐसे मरीज को अलग रखा जाए और उसे सही ट्रीटमेंट दिया जाए। ऐसे में प्राइवेट सेक्टर का भी इसमें अहम रोल है।

गाइडलाइन के मुताबिक, यह सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों, चिकित्सा अधिकारियो और आयुष के तहत पंजीकृत डॉक्टरों के लिए ये जरूरू है कि COVID-19 संक्रमण का मामला आने पर जिले की सर्विलांस यूनिट से संपर्क करे। सभी डॉक्टरों को सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भी दिए जा रहे हैं। ऐसा कोई भी मरीज (संदिग्ध या पुष्ट) जो कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा से आया है, उसकी जानकारी फॉर्म में देनी होगी।
अगर ऐसा केस आता है कि किसी व्यक्ति ने बीते 14 दिनों में कोरोना प्रभावित देश की यात्रा की है और उसके भीतर COVID-19 के लक्षण हैं। ऐसे में इस व्यक्ति तुरंत ही अस्पताल में आइसोलेट करना होगा और उसकी जांच करानी होगी। ऐसे सभी मामलों की जानकारी राज्य हेल्पलाइन और राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1075 पर भी दोनी होगी। ईमेल [email protected] पर भी इसे बताना होगा।
बता दें कि भारत में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार को देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के 10 नए मामले सामने आने के बाद इस घातक विषाणु से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 147 हो गई है। तीन लोगों की मौत भी इस वायरस के चलते हो चुकी है।












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