सरकार ने खर्च किये 1.1 लाख करोड़ रुपए, ताकि कोई भूखा न सोये
नई दिल्ली। देश में कोई भूखा नहीं सोये इसके लिये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 बनाया गया। आप यह जानकर हैरान रह जायेंगे कि इस साल सरकार ने 1.1 लाख करोड़ रुपए इस मद में खर्च किये हैं, ताकि कोई भूखा न सोये। अब भी अगर आप किसी को भूखा देखते हैं, तो उसकी शिकायत सीधे सरकार से कीजिये।

फूड सिक्योरिटी के तहत 75 प्रतिशत ग्रामीण आबादी और 50 प्रतिशत शहरी आबादी को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के तहत सब्सिडाइज्ड कीमतों पर खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए चावल/गेहूं/मोटे अनाज के लिए प्रति किलो क्रमश: 3/2/1 रुपए तक की सब्सिडी मिलती है, इस प्रकार देश के करीब 81.35 करोड़ लोगों को इसका लाभ पहुंचता है। इस अधिनियम के तहत पहचान करके 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटीएस) में वर्ष 2014-15 में इस अधिनियम के तहत करीब 33.74 करोड़ लाभार्थियों को खाद्यान्न आवंटित किए गए।
2015-16 में, एनएफएसए के 12 और राज्यों/यूटीस को शामिल किया गया है। इस तरह अब इन 23 राज्यों/यूटीस के लगभग 49.67 करोड़ लोग इस अधिनियम के तहत सब्सिडाइज्ड कीमतों पर खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं। मौजूदा टीपीडीएस के तहत शेष 13 राज्यों/यूटीस क्षेत्रों में खाद्यान्न आवंटन जारी है।
यह जानकारी आज उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान द्वारा राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई। मंत्री ने बताया कि एनएफएसए के तहत अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) वाले परिवार और वरीयता क्रम वाले परिवार शामिल हैं।












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