15 देशों के राजदूतों ने परखी जम्मू कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था, बोले पाकिस्तान फैला रहा प्रपोगेंडा
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय की तरफ से जम्मू कश्मीर के दौरे पर गए 15 देशों के राजदूतों के दौरे को लेकर मीडिया को जानकारी दी गई है। आपको बता दें कि गुरुवार को राजदूतों का एक समूह जम्मू कश्मीर के दौरे पर गया था। अगस्त में राज्य से आर्टिकल 370 हटने के बाद यह पहला प्रतिनिधिमंडल था जो घाटी पहुंचा था। इस दौरे का सारा इंतजाम सरकार की तरफ से किया गया था और विदेश मंत्रालय के सीनियर ऑफिसर्स प्रतिनिधिमंडल के साथ थे।

सुरक्षा अधिकारियों से मिले राजदूत
विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार की ओर से बताया गया कि राजदूतों की पहली मुलाकात सुरक्षा अधिकारियों से हुई थी। इसका मकसद था कि वे घाटी की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जान सकें और शांति व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए आतंकवाद के खतरे से कैसे निबटा जाए, इसके बारे में जान सकें। रवीश कुमार ने बताया कि सरकार, अपनी इस कोशिश के जरिए घाटी की स्थिति को सामान्य करने के लिए हो रहे प्रयासों की एक झलक दिखाना चाहती थी। इस ग्रुप ने श्रीनगर में कुछ पंचायत सदस्यों से मुलाकात की। इसके अलावा वे स्थानीय निकाय और एनजीओ के लोगों से भी मिले। जो प्रतिनिधि इन राजदूतों से मिले, उन्होंने बताया कि शुरुआत में कुछ दिक्कतें जरूर थीं मगर व्यवस्था कायम रखने के लिए जरूरी थीं। रवीश कुमार ने बताया कि जम्मू कश्मीर पहुंचे इस ग्रुप में अमेरिका, दक्षिण कोरिया, नॉर्वे, वियतनाम, अर्जेंटीना, बांग्लादेश, मालदीव, मोरक्को, फिजी, फिलीपींस, पेरु, नाइजर, नाइजीरिया, टोगो और गुएना के राजदूत शामिल थे।












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