यासीन मलिक के संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट पर बैन
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक के नेतृत्व वाले संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) पर प्रतिबंध लगा दिया है। यूनियन होम सेक्रेटरी राजीव गुप्ता ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि आतंकी रोधी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए जेकेएलएफ को बैन किया गया है।

होम सेकेटरी राजीव गुप्ता ने बताया है, जेकेएलएफ को भारतीय सरकार ने 1967 के गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गैरकानूनी संस्था घोषित कर दिया है। जेकेएलएफ 1998 से लगातार अलगाव बढ़ाने की कोशिशें कर रहा है। अलगाव की विचारधारा को ये संगठन लगाातार बढ़ाता रहा है। गुप्ता ने कहा कि सरकार आतंक के मामले में सरकार किसी ढील के पक्ष में नहीं है। उन्होंने अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा करने की भी बात कही है।
जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट की शुरुआत एक मिलिटेंट ऑर्गेनाइजेशन के रूप में हुई थी। 1994 के बाद यासीन मलिक ने इस सगंठन के मिलिटेंट विंग को खत्म कर दिया था और अंहिसात्मक रास्ते से लड़ाई लड़ने की बात कही थी। हालांकि संगठन पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगातार लगता रहा है। जेकेएलएफ के प्रमुख यासीन मलिक भी अक्सर गिरफ्तार होते रहते हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी टेरर फंडिग के केस में हाल में जम्मू कश्मीर में कई अलगाववादी नेताओं के घरों और दफ्तरों पर छापेमारी की है, इसमें यासीन मलिक के भी कई ठिकानों पर भी छापेमारी की गई।
हाल ही में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के संगठन जमात-ए-इस्लामी पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। संगठन का संबंध आतंकी संगठनों के साथ होने की बात कहते हुए गृह मंत्रालय ने ये कार्रवाई की थी। जमात पर पांच साल के लिए बैन लगाया गया है।












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