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रेहड़ी-पटरी वाले 50 लाख लोगों को 10 हजार रुपए की कर्ज सुविधा का ऐलान

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को उद्योग जगत के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान करने के बाद आज (गुरुवार) आम नागरिकों को लिए पिटारा खोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को कर्ज की सुविधा के साथ मुद्रा शिशु लोन लेने वालों को भी बड़ी राहत दी है। गौरतलब है कि कोरोना संकट के चलते देश में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो गई है जिसे गति देने के लिए पीएम मोदी ने मंगलवार को कुल 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था।

रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कर्ज सुविधा का ऐलान

रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कर्ज सुविधा का ऐलान

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, आज की कॉन्फेंस प्रवासी श्रमिकों, सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों, छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार वालों और छोटे किसानों पर केंद्रित है। गुरुवार को निर्मला सीतारमण ने देशव्यापी लॉकडाउन से जूझ रहे रेहड़ी-पटरी वालों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने देशभर के करीब रेहड़ी-पटरी वाले 50 लाख लोगों को 10 हजार रुपए की कर्ज सुविधा का ऐलान किया है। आने वाले दिनों में सरकार स्ट्रीट वेंडर्स को 5000 करोड़ रुपये के विशेष क्रेडिट सुविधा का सहयोगी देने की घोषणा की है।

मुद्रा शिशु लोन लेने वालों को बड़ी राहत

इसके अलावा केंद्र ने कोरोना संकट में मुद्रा शिशु लोन लेने वालों को बड़ी राहत दी है। भारत सरकार की तरफ से मुद्रा शिशु लोन योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए की ब्याज राहत दी जाएगी साथ ही ब्याज में 2 फीसदी की राहत भी दी गई है। इस योजना के लिए केंद्र की तरफ से एक लाख 62 हजार करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री के इस ऐलान के बाद से देशभर के लगभग 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।

गरीबों को कम किराए पर मिलेंगे घर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए सस्ते किराये पर घर उपलब्ध कराने के लिए भी रेंटल हाउसिंग स्कीम लाने का ऐलान किया है। गरीब लोगों के लिए पीपीपी मॉडल पर किराये पर रहने के लिए घर बनाएं जाएंगे जिसमें वह कम किराए पर रह सकेंगे। इसके साथ ही लॉकडाउन में नौकरी गंवाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार ने बिना कार्ड के ही 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार देने का ऐलान किया है।

अनुराग ठाकुर ने दी ये जानकारी

अनुराग ठाकुर ने दी ये जानकारी

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि रेहड़ी, पटरी और ठेले पर सामान बेचने वाले हमारे भाई-बहन हैं उनके लिए 5000करोड़ की विशेष सुविधा लेकर आए हैं। 10000 रुपए प्रति व्यक्ति इनको सुविधा दी जाएगी। जो डिजिटल पेमेंट करेगा उनको ईनाम भी मिलेंगे। इससे आने वाले समय में उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा। वहीं, जो MUDRA शिशु ऋण श्रेणी में लोग आते हैं उनके लिए 1500 करोड़ रुपए, ब्याज में 2 फीसदी राहत देने की योजना सरकार लाई है। 1 लाख 62 करोड़ रुपए अब तक इस योजना के अंतर्गत दिए गए हैं। इस योजना के माध्यम 3करोड़ लोगों को 1500करोड़ के करीब लाभ मिलने वाला है।

3 करोड़ किसानों को कृषि ऋण का लाभ

प्रेस कांन्फ्रेस में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ने कहा, 3 करोड़ किसानों के लिए जो 4,22,000 करोड़ के कृषि ऋण का लाभ दिया गया है उसमें पिछले तीन महीनों का लोन मोरटोरियम है। ब्याज पर सहायता दी है। 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड की मंजूरी दी है जिसकी लिमिट 25000 करोड़ होगी। पिछले मार्च और अप्रैल महीने में 63 लाख ऋण मंजूर किए गए जिसकी कुल राशि 86600 करोड़ रुपया है जिससे कृषि क्षेत्र को बल मिला है। उन्होंने आगे कहा, कॉर्पोरेटिव बैंक और रिजनल रुरल बैंक को मार्च 2020 नाबाड ने 29,500 करोड़ के रिफाइनेंस का प्रावधान किया। ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए राज्यों को मार्च में 4200 करोड़ की रुरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड राशि दी गई है।

यह भी पढ़ें: वित्त मंत्री सीतारमण का ऐलान- प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में मिलेगा काम, मिलेगी 202 रुपये की मजदूरी

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