पानी की शुद्धता को लेकर सरकार ने जारी की रिपोर्ट, दिल्ली के 11 और मुंबई के सभी सैंपल फेल
नई दिल्ली। 'जल ही जीवन है' ये बात हम सब अपने बचपन से ही सुनते आ रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर पीने लायक पानी तेजी से खतम हो रहा है। जी हां, धरती पर 70 प्रतिशत पानी मौजूद है लेकिन जीव-जंतुओं और इंसनों के लिए पीने का पानी पृथ्वी पर मौजूद कुल जल का सिर्फ 2.7 प्रतिशत है। हाल ही में भारत सरकार ने देश के 20 शहरों में पानी के सैंपल की रिपोर्ट जारी की जिसके बारे में जानकर आपका गला सूख जाएगा।

देश के 20 शहरों का लिया सैंपल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत सरकार ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सहित 20 शहरों में पीने के पानी का सैंपल लिया और टेस्ट किया। सरकार की रिपोर्ट में हैरान और चिंता जनक दावा किया गया है। सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में पानी के सभी सैंपल फेल हो गए वहीं दिल्ली में 11 जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। रिपोर्ट में मुंबई के पीने वाले पानी की जांच की गई तो पाया गया कि वहां के किसी भी इलाके का पानी इंसानों के पीने लायक नहीं है।

पानी बर्बाद होने पर डीएम ने खुद पर लगाया जुर्माना
देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो रिपोर्ट में सामने आया कि यहां के पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है। लिए गए सैंपलों में से दिल्ली के 11 स्थानों में पानी पीने के लायक नहीं है। इसी बीच कई लोग ऐसे भी हैं जो पानी बचाने की जुगत में लगे रहते हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिलाधिकारी के निजी सहायक गौरव सिंह ने बताया कि कलेक्ट्रेट भवन के टंकी से पानी बहने पर जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर ने खुद पर और अपने स्टाफ पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

घर-घर जाकर फ्री में नल ठीक करता है ये बुजुर्ग
एक तरफ जहां लोगों को पानी खर्च करते समय उसकी कीमत का ऐहसास नहीं होता वहीं, दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो पानी की एक-एक बूंद बचाने में भी जुटे हुए हैं। 84 साल के आबिद सुरती ऐसे इंसानों में से है जिनकी वजह से ही शायद भाविष्य में थोड़ा बहुत पानी बचा रह सकता है। आबिद घर-घर जाकर टपकते नल को फ्री में ठीक करते हैं। वजह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, मैं फुटपाथ पर बड़ा हुआ और बचपन से एक बाल्टी पानी के लिए लड़ाई देखी है।












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