पुणे में कोरोना को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने जारी किया ये एक्शन प्लान
पुणे इस समय देश में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा एक्टिव केस वाला शहर है।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ मिलकर एक एक्शन प्लान तैयार किया है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। गौरतलब है कि पुणे इस समय देश में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा एक्टिव केस वाला शहर है।

कंटेनमेंट जोन में बढ़ेगी एंटीजन टेस्ट की संख्या
बैठक के बाद प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि पुणे में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कुछ फैसले लिए गए हैं। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर मास्क ना पहनने और खुले में थूकने पर 500 और 1000 रुपए जुर्माना लगाने का नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। जावड़ेकर ने कहा कि शहर के कंटेनमेंट जोन में एंटीजन टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा एंटीबॉडी वाले लोगों की पहचान करने के लिए शहर में बड़े पैमाने पर सीरो सर्वे कराया जाएगा।

जंबो कोविड अस्पताल के अंदर लेगेंगे CCTV
वहीं, बैठक के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के माध्यम से हमने केंद्र से कहा है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकार को 50-50 के अनुपात में ऑक्सीजन सिलेंडर प्रदान किए जाएं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने अधिकारियों से जंबो कोविड अस्पताल के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने और अस्पताल के बाहर एक टीवी लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि मरीजों के परिजन कम से कम अपने मरीजों को टीवी के माध्यम से देख सकें।

दिल्ली से भी आगे निकला पुणे
आपको बता दें कि लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच महाराष्ट्र का पुणे शहर एक्टिव संक्रमित मरीजों की संख्या में दिल्ली से भी आगे निकल गया है। कोरोना वायरस का पहला केस मिलने के बाद से ही पुणे प्रशासन लगातार इस महामारी को रोकने में जुटा हुआ है, लेकिन संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।

ग्रामीण इलाकों में बढ़ा संक्रमण
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और डिप्टी सीएम अजित पवार भी लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि पुणे प्रशासन एक्टिव केस कम करने में कुछ हद तक सफल हुआ है, क्योंकि कोरोना के मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं। इसके बावजदू संक्रमण के नए मामले, जो हर दिन 1000 से ज्यादा मिल रहे हैं, सरकार के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। पिछले कुछ समय में पुणे के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।












Click it and Unblock the Notifications