राज्य सभा में गुलाम नबी आजाद बोले- सरकार गेमचेंजर नहीं, नेम चेंजर
नई दिल्ली। राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि 1985 के बाद यूपीए शासन के तहत शुरू की गई सभी योजनाओं के नाम बदल दिए गए हैं। यही कारण है कि मैं कहता हूं, कि सरकार 'खेल परिवर्तक' (गेमचेंजर) नहीं है बल्कि 'नाम परिवर्तक' (नेम चेंजर) है। बता दें कि आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान आजाद ने 8 महीने की बच्ची के साथ हुए रेप का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अगर ऐसा न्यू इंडिया बना रही है, तो हमें नहीं चाहिए। हमें हमारा पुराना इंडिया लौटा दो। आजाद ने कहा कि सरकार नेताओं के फोन टैप करा रही है। केंद्र सरकार को 70 सालों में सबसे कमजोर सरकार करार देते हुए आजाद ने कहा कि सरकार ने पूरे विपक्ष को आतंकी बना दिया है। आजाद ने कहा कि आजाद ने स्वच्छ भारत, जनधन और स्किल इंडिया समेत कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह सारी योजनाएं UPA सरकार की है, जिनका नाम बदल दिया गया है।

आजाद ने कहा कि 2014 में आप लोगों को 15 लाख रुपए दे रहे थे देने का वादा किया था, इसका जिक्र राष्ट्रपति के अभिभाषण में नहीं है। आजाद ने कहा कि युवा काम मांग रहे हैं उनसे वादा किया गया था 10 करोड़ नौकरियों का, उसका कोई जिक्र नहीं हैं। किसानों से वादा किया गा था, आय दोगुना करने का। पेट्रोल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। डीजल पेट्रोल पर जो आप बचा रहे हैं अगर ऐसा हमारे समय होता तो हम क्रांति ला देते। आप तो सिर्फ हमारी योजनाओं के फीते काटते हैं, अपना आपके पास कुछ नहीं है।
आजाद ने तीन तलाक का जिक्र करते हुए कहा कि आपने शिया सुन्नी को बांट दिया है, अब पति पत्नी को मत बांटिए। हम बिल पर आपके साथ हैं लेकिन हम तलाक-ए-बिद्दत पर खिलाफ है, जिसे अपराध बना दिया गया है। पति को जेल में डाल देंगे, पत्नी और बच्चों का क्या होगा?
जनधन योजना का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि यूपीए सरकार के समय इसके तहत 25 करोड़ खाते खुले जबकि आपकी सरकार में यह सिर्फ 7 करोड़ खाते ही खुले। इसका क्रेडिट आप यूपीए सरकार को नहीं देंगे।












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