300 करोड़ की ड्रग डिलिंग करने वाले मुंबई के 'मेहता कपल' की कहानी, लुकआउट नोटिस के बाद थे गायब, अब पहुंचे कोर्ट

मुंबई के गोरेगांव का रहने वाला एक कपल अशेष मेहता और उनकी पत्नी शिवांगी मेहता पर कथित तौर पर अपने आवास से 300 करोड़ रुपये की ड्रग डिलिंग और ड्रग्स नेटवर्क चलाने का आरोप है। इसके अलावा कपल पर अवैध धन प्रबंधन फर्म चलाने का भी आरोप है।

पुलिस की रडार पर आने और लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद से ये कपल रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। अब अशेष मेहता और शिवांगी मेहता ने मध्य प्रदेश के एक कोर्ट से बेल मांगी है। मध्य प्रदेश में इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था।

Ashesh Mehta wife Shivangi Mehta

इस कपल के खिलाफ सबसे पहले केस दर्ज मध्य प्रदेश के खनियाधाना पुलिस स्टेशन में किया गया था। अब इस कपल ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एनडीपीएस अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस मिलने के बाद से अशेष मेहता और शिवांगी मेहता अपने गोरेगांव फ्लैट से फरार हो गए थे। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अशेष मेहता और शिवांगी मेहता ने अपने अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 174 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के बाद 19 जून 2023 को देश भी छोड़ दिया था।

पुलिस का कहना है कि अशेष मेहता और शिवांगी मेहता गोरेगांव के एक बहुत ही महंगे फ्लैट में रहते थे। जिस पर अब ताला लगा हुआ है। वे कथित तौर पर पार्सल सर्विस के जरिए ग्राहकों के एक नेटवर्क के साथ ड्रग्स का धंधा चलाते थे।

कैसे चलाता है मेहता कपल ड्रग्स नेटवर्क? पुलिस ने बताया

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मेहता कपल और खनियाधाना पुलिस की सारी दलीलें कोर्ट में सुनी गई हैं। जिसपर गुरुवार को फैसला आने की उम्मीद है।

खनियाधाना पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, ''अदालत में दोनों पक्षों की ओर से लंबी-चौड़ी बहस हुई है। हमने मेहता कपल की जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध किया। हमने अदालत को बताया कि कैसे आरोपी पुलिस के सामने पेश होने के लिए बुलाए जाने के बाद फरार हो गया था।''

पुलिस ने कहा कि दो हफ्ते पहले मीरा रोड (ठाणे) से पकड़े गए 39 वर्षीय ड्रग डीलर निसार जुबैर खान ने मेहता कपल का नाम लिया है। और मुंबई पुलिस के सामने उनकी पहचान भी की।

पुलिस को दिए गए बयान में जुबैर खान ने कहा है कि दंपति उसे पार्सल लेने के लिए गोरेगांव ईस्ट में ओबेरॉय एस्क्वायर स्थित अपने आवास बुलाते थे। हर पैकेज के लिए, डिलीवरी पते के अलावा, उसे एक नए सिम कार्ड के साथ एक नया मोबाइल फोन मिलता था।

दिए गए पते पर सफलतापूर्वक डिलीवरी करने के बाद, उसे फोन और सिम फेंकने के लिए कहा गया था। इसके लिए उसे पैसे दिए जाते थे।

पुलिस ने कहा कि जब मध्य प्रदेश पुलिस की टीम कुछ दिन पहले दंपति के गोरेगांव स्थित फ्लैट पर गई तो फ्लैट बंद था और उन्हें पता चला कि वे भाग गए थे।

उन्होंने कहा, ''आरोपी के मोबाइल नंबर की मदद से उसके केवाईसी डिटेल जानने के बाद, हमें पता चला कि उसके बैंक खातों में सैकड़ों करोड़ रुपये हैं। हमें संदेह है कि उसने यह सारा पैसा ड्रग डिलिंग करके कमाया है।''

जांच के दौरान हमें यह भी पता चला कि अशेष के रिश्तेदार केन्या में रहते हैं। हमें शक है कि उसे अफ्रीकी देश से ड्रग्स की आपूर्ति की जा रही थी, जिसके कारण वह इतने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन को अंजाम दे रहा था। एक अधिकारी ने कहा, ''हमें चीजों की तह तक जाने के लिए आरोपी को हिरासत में लेने की जरूरत है।''

मेहता कपल के वकील ने क्या कहा?

मिड-डे के मुताबिक मेहता परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील शैलेन्द्र समाधिया ने कहा, ''दंपति निर्दोष हैं और कोई जानबूझकर उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रहा है ताकि अशेष का बिजनेस, जो सालों की कड़ी मेहनत से बनाया गया है, उसको नुकसान पहुंचाया जा सके।''

उन्होंने कहा, ''जब मध्य प्रदेश पुलिस पहली बार मेरे मेहता कपल के गोरेगांव स्थित आवास पर आई, तो दंपति ने सहयोग किया था। दूसरी बार उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा उनके सामने पेश होने के लिए मजबूर किया गया और गिरफ्तारी की धमकी दी गई थी।''

उन्होंने आगे कहा, '' किसी का नाम लेने मात्र से वह व्यक्ति आरोपी नहीं हो जाता। अगर आरोपी मेरे मुवक्किल को पहचानता है, तो सोशल मीडिया के इस युग में, हर व्यक्ति का अपना अकाउंट होता है, कोई भी व्यक्ति किसी को भी फोटो दिखाकर निशाना बना सकता है।''

उन्होंने कहा, ''अगर मध्य प्रदेश पुलिस को उनकी संलिप्तता के बारे में पता था, तो उन्होंने उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया? उन्हें मुंबई में जिला मजिस्ट्रेट अदालत से गिरफ्तारी करने की अनुमति आसानी से मिल सकती थी। मध्य प्रदेश कोर्ट से आदेश लेना जरूरी नहीं था। यह बहुत स्पष्ट है कि मेरे मुवक्किल को उसके बिजनेस को खराब करने के लिए किसी ने सुनियोजित तरीके से इस मामले में गलत तरीके से घसीटा है। मेरे मुवक्किल निर्दोष हैं और हमने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा है।''

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