Go First Crisis: गो फर्स्ट ने खुद को दिवालिया घोषित करने की रखी मांग, NCLT में याचिका दायर
वित्तीय संकट से जूझ रही गो फर्स्ट एयरलाइंस ने अब खुद को दिवालिया घोषित करने की मांग की है। इसके लिए एयलाइंस की ओर से एनसीएलटी में आवेदन किया गया है।

Go First financial crisis: : गो फर्स्ट की ओर अपनी सभी उड़ानें रद्द करने के फैसले के बाद राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में एक आवेदन किया गया है। जिसमें एयरलाइंस की ओर से कंपनी को दिवालिया घोषित करने की मांग की गई। एयरलाइन कंपनी ने एनसीएलटी में ये कानून न्यायाधिकरण में आवेदन दिवालियापन संहिता की धारा 10 के तहत किया है।
भारतीय एयरलाइंस कंपनी गो फर्स्ट ने इससे पहले मंगलवार को ही एक और बड़ा निर्णय लिया। जिसके तहत दो दिन के लिए सभी उड़ाने रद्द कर दी गईं। पिछले कई महीनों से कंपनी इस संकट से जूझ रही है। जिसकी वजह से पीएंडडब्ल्यू की ओर से इंजनों की आपूर्ति नहीं की जा रही है। अब परिणाम ये हुआ की कंपनी को अपने 28 विमानों को खड़ा करना पड़ रहा है।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन द्वारा 3-4 मई तक नई बुकिंग रद्द करने के बाद गो फर्स्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिसमें डीजीसीए की ओर एयरलाइंस से पूछा गया है कि विमानन सेवा कंपनी के नियमों उल्लंघन पर उसे खिलाफ कार्रवाई क्यों ना की जाय।
DGCA को नहीं भेजा नोटिस का जवाब
डीजीसीए की नोटिस का जवाब ना मिलने पर महानिदेशालय ने कहा कि गो फर्स्ट अपनी फ्लाइट रद्द करने का निर्णय और उसके कारणों को लिखित में बताने में विफल रहा। इसके अलावा गो फर्स्ट नियमों का पालन नहीं कर पाया। इससे यात्रियों को असुविधा होगी। ऐसा करना एयरलाइंस कंपनी की ओर से सीएआर, सेक्शन 3, सीरीज एम, पार्ट IV के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा।
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