काशी में गूंजी गुलाम अली की आवाज, 'मैंने लाखों के बोल सहे सितमगर तेरे लिए...'

बनारस। तमाम आलोचनाओं और विवादों के बाद आखिरकार पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली ने मंगलवार को संकटमोचन में अपना गजल गायिकी को प्रस्तुत किया और यकीन मानिए एक बार फिर से उन्होंने अपनी मखमली आवाज से हर किसी का दिल जीत लिया। गुलाम अली ने एक से एक खूबसूरत गजलें, दादरा और ठुमरी गाकर लोगों का अपना फिर से मुरीद बना लिया।

जिस समय उन्होंने गाया कि मैंने लाखों के बोल सहे सितमगर तेरे लिए.. तालियों का समां थमने का नाम ही नहीं ले रहा था।

साल 2005 में आये थे संकटमोचन गुलाम अली

मालूम हो कि गुलाम अली ने अपने कार्यक्रम के सिलसिले में संकट मोचन मंदिर के पुजारी विशंभर नाथ मिश्रा को एक संदेश भेजा था जिसमें उन्होंने कहा था कि मुझे यहां बुलाने और एक बार फिर अपने चरणों में प्रस्तुति का अवसर देने के लिए मैं बजरंग बली का आभारी हूं।

उन्होंने पुजारी से कहा कि संकट मोचन मंदिर में पिछली बार अपनी प्रस्तुति के दौरान उन्हें जो आंतरिक शांति का अहसास हुआ था, वह अद्वितीय थी।

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