रूस और अमेरिका का दौरा करेंगे जनरल बिपिन रावत, CDS बनने के बाद होगा पहला विदेशी दौरा
नई दिल्ली, सितंबर 19। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत बहुत जल्द अमेरिका और रूस का दौरा करेंगे। हालांकि अभी दौरे की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि बिपिन रावत का रूस दौरा अगले हफ्ते हो सकता है। उसके बाद वो वहां से आकर अमेरिका जाएंगे। आपको बता दें कि बिपिन रावत का ये CDS पद संभालने के बाद पहला विदेशी दौरा होगा। उन्होंने दिसंबर 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभाला था।

रूस में CDS रैंक के अधिकारियों का होगा एक सम्मेलन
जनरल बिपिन रावत की विदेश यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि रूस में शंघाई सहयोग समझौते के सदस्य देशों के CDS-रैंक के अधिकारियों का एक सम्मेलन होना है। इसी सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बिपिन रावत रूस जाएंगे। इस सम्मेलन में चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के भी शामिल होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि ये सम्मेलन SCO शांति मिशन अभ्यास में भाग लेने वाले संबंधित सशस्त्र बलों की गतिविधियों को देखने के लिए होगा। भारतीय सेना और वायुसेना भी वहां अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं।
रूस से आकर अमेरिका जाएंगे
इस सम्मेलन को अटैंड करने के बाद बिपिन रावत भारत लौटेंगे और उसके बाद पेंटागन में अपने समकक्ष और अन्य अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से मिलने के लिए अमेरिका रवाना हो जाएंगे। अमेरिका में बिपिन रावत भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच तालमेल बिठाने और उनका फोकस लड़ाकू बलों की क्षमताओं को बढ़ाने और तीनों सुरक्षा सेवाओं के बीच संयुक्तता लाने पर होगा।
अफगानिस्तान संकट के बीच ये दौरा अहम
आपको बता दें कि बिपिन रावत का रूस और अमेरिका का दौरा अफगानिस्तान संकट को लेकर काफी अहम माना जा रहा है। अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद से रूस को तालिबान का समर्थक माना जाता रहा है। वहीं अमेरिका ने तालिबान पर सैन्य कार्रवाई की है। बिपिन रावत ने तालिबान और अफगानिस्तान संकट को लेकर एक बयान भी दिया था। उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान की परिस्थितियों को लेकर भारत पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा था कि अगर तालिबान भारत की तरफ नजर डालता है तो उसके साथ वैसा ही सलूक किया जाएगा, जैसे हम आतंकियों को हैंडल करते हैं।












Click it and Unblock the Notifications