Gaurav Gogoi on Yunus Comment: कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने मुहम्मद युनूस के बयान पर केंद्र को घेरा
Gaurav Gogoi: बांग्लादेश के मुख्य सलाहाकर मुहम्मद यूनुस द्वारा भारत पर की गई टिप्पणी पर अब कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोगोई ने मंगलवार,1 अप्रैल को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की विदेश नीति इतनी कमजोर हो गई है कि अब बांग्लादेश जिसकी स्वतंत्रता में भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वह भी भारत के खिलाफ खड़ा होता दिख रहा है।
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गोगोई ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने अपने देश को क्षेत्र में "समुद्र का एकमात्र संरक्षक" बताया था।

Gaurav Gogoi on Yunus Comment: गोगोई ने सरकार को घेरा
यूनुस ने चीन से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश में अपने आर्थिक प्रभाव को बढ़ाए और कहा कि भौगोलिक रुप से भारत के पूर्वोत्तर राज्य से घिरे होने के कारण यह एक अवसर बन सकता है। गोगोई ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत की विदेश नीति इतनी कमजोर हो गई है कि अब एक ऐसा देश, जिसकी स्वतंत्रता के लिए भारत ने संघर्ष किया था, रणनीतिक रूप से भारत के विरोध में खड़ा हो रहा है।"
कांग्रेस नेता ने केंद्र की विदेश नीतियों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस पर उसे बधाई देते हुए दोनों देशों के 'मजबूत संबंधों' पर जोर दिया था। इसके तुरंत बाद मुहम्मद यूनुस का पूर्वोत्तर भारत और चीन को लेकर दिया गया बयान गंभीर चिंता का विषय है और पूरी तरह अस्वीकार्य है, क्योंकि यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करता है।
Gaurav Gogoi on Yunus Comment: मुहम्मद यूनुस ने क्या कहा था?
मुहम्मद यूनुस हाल ही में चीन की चार दिवसीय यात्रा पर गए थे। उस दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आया। उन्होंने कहा था, "भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों को 'सात बहनें' कहा जाता है। यह भारत का एक भूमि से घिरा (लैंडलॉक्ड) क्षेत्र है। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई सीधा रास्ता नहीं है।"
इस पर एनडीए के कई पूर्वोत्तर नेताओं ने आपत्ति जताते हुए इसे "आपत्तिजनक और उकसाने वाला" बयान करार दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्वोत्तर को भारत के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए वैकल्पिक मार्गों की खोज को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) पर निर्भरता कम हो।
सरमा ने कहा कि बांग्लादेश की तथाकथित अंतरिम सरकार के मुहम्मद यूनुस द्वारा पूर्वोत्तर भारत को 'लैंडलॉक्ड' बताने और बांग्लादेश को उसका समुद्री संरक्षक घोषित करने वाला बयान अपमानजनक और निंदनीय है। उन्होंने आगे कहा, "मुहम्मद यूनुस के इस तरह के भड़काऊ बयान को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह गहरी रणनीतिक साजिशों और लंबे समय से चल रही योजनाओं को दर्शाता है।












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