कोविशील्ड वैक्सीन की दो डोज के बीच अंतर में नहीं होगा बदलाव, 12-18 हफ्ते के बाद ही लगेगी दूसरी डोज
नई दिल्ली, 29 मार्च। कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड वैक्सीन की दो डोज के बीच का अंतर 12-16 हफ्ते तक बरकरार रहेगा। दरअसल विशेषज्ञ पैनल ने सुझाव दिया था कि कोविशील्ड वैक्सीन की दो डोज के बीच का अंतर 8-16 हफ्ते तक रह सकता है, लेकिन पैनल के सुझाव के बाद भी सरकार ने फैसला लिया है कि कोविशील्ड वैक्सीन की दो डोज के बीच का अंतर 12-16 हफ्ते का ही रहेगा। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय कोविशील्ड की दो डोज के बीच के अंतर में संशोधन नहीं करने जा रही है।

बता दें कि नेशनल टेक्निकल एडवायजरी ग्रुप ने 20 मार्च को सुझाव दिया था कि कोविशील्ड की दो वैक्सीन की दो डोज के बीच के अंतर को कम किया जा सकता है, इसे 12-16 हफ्ते से घटाकर 8-16 हफ्ते किया जा सकता है। सरकार के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि फिलहाल अभी इस संशोधन की कोई आपात इंतजार नहीं है। यह बदलती हुई स्थिति है, ऐसे में हमेशा नीति में बदलाव की गुंजाइश रहती है, समय के साथ आगे जैसी जरूरत होगी वैसा फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि जनवरी 2021 में देश में कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी।उस वक्त कोविशील्ड की दो वैक्सीन के बीच का अंतर 4-6 हफ्ते रखा गया था। जिसे बाद में बढ़ाकर 6-8 हफ्ते कर दिया गया था। मई में सरकार ने इसे बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया था। सरकार ने एनटीएजीआई की सिफारिश के बाद यह बदलाव किया था। लेकिन एक बार फिर पैनल ने दोनों वैक्सीन के बीच के अंतर को कम करने का सुझाव दिया है जिसे सरकार ने खारिज कर दिया है।
इससे पहले जब दो वैक्सीन के बीच के अंतर को कम किया गया था तो आरोप लगे थे कि ऐसा वैक्सीन की कमी के कारण किया गया था, लेकिन सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया था। उस वक्त कहा गया था कि वैक्सीन के असर को बेहतर करने के लिए यह फैसला लिया गया था। देश में वैक्सीन जरूरत से ज्यादा मात्रा में उपलब्ध है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया जोकि इस वैक्सीन को तैयार करती है, उसने भी वैक्सीन की उपलब्धता की बात कही थी।
एक्सपर्ट ग्रुप की मानें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में सुझाव दिया था कि ऑक्सफोर्ड एस्ट्रा जेनेका वैक्सीन की दो डोज के बीच का अंतर 8-12 हफ्ते होना चाहिए। 15 मार्च को पैनल ने भी इसी तरह का सुझाव दिया था। जबकि एक्सपर्ट का कहना है कि भारत में वैक्सीन की डोज में अंतर को बढ़ाने से कुछ खास हासिल नहीं होगा। वरिष्ठ डॉक्टर एनके मिश्रा ने बताया कि फिलहाल भारत में दो वैक्सीन की डोज का जो अंतर है वह बेहतर काम कर रहा है।












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