गे डेटिंग ऐप के जरिए अधेड़ मर्दों से मिलता था रॉकी हैंडसम, खुद जाता था बेडरूम में और गैंग करती थी लूट

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली में एक ऐसा गैंग पकड़ा गया है जो सिर्फ समलैंगिकों (गे) को लूटता था। यह गैंग गे डेटिंग ऐप के जरिए अपना शिकार ढूंढता था और फिर मिलने के बहाने घर जाकर कीमती सामानों पर हाथ साफ कर देता था। गैंग दिल्‍ली-एनसीआर के पॉश इलाकों में सक्रिय था। पुलिस ने गैंग के सरगना सूरज और मणिकांत उर्फ रॉकी हैंडसम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों ने अबतक दर्जनों से ज्‍यादा लूट की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इतना ही नहीं वो गाडि़यां भी चोरी करते थे। यह गैंग सफल इसलिए हो जाता था क्‍योंकि अधिकांश पीडि़त बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत नहीं करते थे। विस्‍तार से जानिए पूरा मामला

सिर्फ अधेड़ उम्र के पुरुषों को शिकार बनाता था यह गैंग

सिर्फ अधेड़ उम्र के पुरुषों को शिकार बनाता था यह गैंग

पुलिस के आला अधिकारी के मुताबिक यह गैंग अधेड़ उम्र के पुरुषों को निशाना बनाता था। गे डेटिंग ऐप के रॉकी हैंडसम उनसे संपर्क करता और फिर उनके मकान में पहुंच जाता। रॉकी के मकान में घुसते ही उसके गैंग के कुछ लड़के भी पीछे से घुस जाते और घर में रखे कीमती सामना जैसे लैपटॉप, कैश या टीवी पर हाथ साफ कर देते।

एक पार्टी में किसी ने बताया था गे डेटिंग ऐप के बारे में

एक पार्टी में किसी ने बताया था गे डेटिंग ऐप के बारे में

जानकारी के मुताबिक रॉकी हैंडसम डांस के लिए फेमस था। बतौर कोरियॉग्रफर वह बहुत कुछ नहीं कर पाया तो उसने पार्टियों में वेटर का काम करना शुरू कर दिया। एक पार्टी में उसकी मुलाकात एक शख्स से हुई जिसने उसे डेटिंग ऐप के बारे में बताया, जिसके जरिए वह पैसे कमा सकता है। उसके बाद रॉकी ने अपने दोस्‍तों को भी इस काम में जोड़ दिया।

अकसर घर में अ‍केले होते थे अधेड़ जब गे रिलेशन के लिए बुलाते

अकसर घर में अ‍केले होते थे अधेड़ जब गे रिलेशन के लिए बुलाते

मणिकांत ने पुलिस को बताया कि ऐप के जरिए एक शख्स से मुलाकात हुई और उसने पैसे देने से इनकार कर दिया, वहां से उसे चोरी का आइडिया मिला। पैसे नहीं मिलने पर वह लैपटॉप, मोबाइल फोन और कैश लेकर वहां से फरार हो गया। उसने बताया, 'मैंने पाया कि ऐप के जरिए मुलाकात के समय अकसर मैं और कस्टमर ही मौके पर होते थे, कोई और नहीं।' आरोपी ने बताया कि उसके ज्यादातर विक्टिम्स ने पुलिस में शिकायत नहीं की क्योंकि उन्हें बदनाम होने का डर है। यह गैंग करीब एक साल से सक्रिय है।

कैसे हुई गिरफ्तारी

कैसे हुई गिरफ्तारी

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक ही इलाके से गाड़ी चोरी के कई मामलों के सामने आने के बाद आरोपी उनकी रडार पर आ गए। स्थानीय मुखबिरों ने जानकारी दी कि सुबह के समय कुछ लोग एक जगह पर देखे गए थे और इसके बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। पूछताछ में गे डेटिंग ऐप से लूट की वारदात सामने आई। बिहार का रहने वाला मणिकांत 2012 में दिल्ली आया था और 2015 में उसकी मुलाकात रवि से हुई थी।

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