गैम्बिया की पैनल रिपोर्ट आई सामने, भारतीय कफ सिरप पीने से हुई अधिकतर बच्चों की मौत
गैम्बिया की पैनल रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय दवा कंपनी की सिरप पीने की वजह से ही अधिकतर बच्चों की मौत हुई है। हालांकि इस रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

भारत से दूसरे देशों में सप्लाई होने वाली कफ सिरप पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। पश्चिम अफ्रीकी देश गैम्बिया में पिछले साल भारतीय कफ सिरप पीने से तकरीबन 60 बच्चों की मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार सिरप पीने से बच्चों की किडनी फेल हो गई थी।
गैम्बिया के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जो रिपोर्ट आई है उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में बच्चों की मरने की सबसे सटीक वजह बताई गई है। रिपोर्ट में भारत की ओर से जो वजह बताई गई है उसे खारिज किया गया है। भारत की ओर से कहा गया है कि हमारे देश के उत्पाद को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों ने मिलावटी कफ सिरप पिया था, जिसे भारतीय दवा कंपनी मेडन फार्मास्युटिकल लिमिटेड ने बनाया था। यह कफ सिरप सिर्फ 22 बच्चों में पाई गई है जिनकी किडनी फेल होने से मौत हो गई। जबकि बाकी के 30 बच्चों में मौत की वजह जहर बताई गई है। 13 मामलों में सटीक वजह नहीं पता लग पाई है।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बच्चों में मिलावटी दवा पाई गई है, इनमे डीथीलीन और एथिलीन ग्लाइकोल पाया गया है। गौर करने वाली बात है कि पिछले साल भारतीय कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था। उजबेकिस्तान में भी 20 लोगो की भारतीय दवा का इस्तेमाल करने की वजह से मौत हो गई थी।
बता दें कि सरकार की ओर से नया नियम लागू किया गया है जिसके अनुसार अगर कोई भी भारतीय दवा कंपनी कफ सिरप का निर्यात दूसरे देश में करती है तो उससे पहले इसका लैब टेस्ट कराना जरूरी है। यह लैब टेस्ट सरकारी लैब में होनी जरूरी है। इस नियम को 1 जून से लागू कर दिया जाएगा।












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