गलवान घाटी: शहीदों को समर्पित गार्डन बना रही है ITBP,ये होगी खासियत
नई दिल्ली- इस साल जून में पूर्वी लद्दाख (Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley)में भारतीय सेना के जवानों और चीन के सैनिकों के बीच जिस जगह पर खूनी झड़पें हुई थीं, उससे कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर शहीदों के सम्मान में आईटीबीपी (ITBP)ने पौधे लगाने का एक बड़ा अभियान (massive plantation drive) शुरू किया है। आईटीबीपी ने इस जगह को शहीदों की शहादत की याद में 'गलवान के बलवान' का नाम दिया है। गौरतलब है कि इस साल जून में यहां भारतीय जवानों पर चीन के सैनिकों ने घात लगाकर हमला बोल दिया था, जिसमें अपने 20 सैनिक शहीद हो गए थे और कई को चोटें आई थीं। जवाबी कार्रवाई में चीन के भी काफी सैनिक हताहत हुए थे, अलबत्ता चीन ने आज तक इसे खुलकर कभी स्वीकार नहीं किया है।

गलवान के बलवान- पौधे लगाने का अभियान
गलवान घाटी में जिस इलाके में 'गलवान के बलवान' नाम की जगह तैयार की जा रही है, वहां अब तक 1,000 से ज्यादा पौधे लगाए भी जा चुके हैं और उसमें उत्तरी लद्दाख का इलाका भी शामिल है। जल्द ही यहां पर शहीदों के सम्मान में एक गार्डन भी बनकर तैयार होगा, जहां पर तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर जाता है। आईटीबीपी के मुताबिक यह इलाका पहले पूरी तरह बंजर था और यहां कोई पौधे नहीं थे। लेकिन, यहां वैसे पौधे लगाए गए हैं, जो यहां के वातावण में टिक सकते हैं और माइनस 30 डिग्री तक के तापमान को आसानी से झेल सकते हैं। 'गलवान के बलवान' के बारे में आईटीबीपी के एक अधिकारी ने बताया है कि 'हमने पौधे लगाने का अभियान शुरू किया है और अबतक 1,000 पौधे सिर्फ उस इलाके में लगाए जा चुके हैं। हमने इसके लिए स्थानीय पौधों को चुना है, जो कि इतने खराब मौसम की स्थिति में भी आसानी जिंदा रह सकते हैं।'
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गलवान के शहीदों को समर्पित होगा गार्डन
दरअसल, आईटीबीपी केंद्रीय गृहमंत्रालय के अधीन आती है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आईटीबीपी (ITBP), सीआरपीएफ (CRPF),बीएसएफ(BSF),सीआईएसएफ(CISF) और सशस्त्र सीमा बल(SSB) के लिए पौधे लगाने का अभियान शुरू किया हुआ है। जल्द ही आईटीबीपी शहीदों के लिए एक गार्डन तैयार करेगा, जिसमें गलवान में शहीद हुए सभी 20 शहीदों को समर्पित अलग-अलग जगह होंगे। हालांकि, शहीद हुए जवानों में आईटीबीपी का कोई जवान नहीं था। पौधे लगाने का अभियान अगले साल भी जारी रहेगा और उम्मीद है कि यह इलाका जल्द ही हरा-भरा नजर आएगा।

गलवान घाटी में जून में हुई थी हिंसक झड़प
बता दें कि इस साल 15-16 जून की रात को चीन के सैनिकों ने धोखे से निहत्थे भारतीय जवानों पर हमला बोल दिया था। जिसमें एक कर्नल समेत 20 भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। भारतीय सैनिकों ने खाली हाथों से ही चीन के कई सैनिकों को हताहत कर दिया। कई अंतरराष्ट्रीय इंटेलिजेंस एजेंसियों ने चीन की सेना में हताहत होने वालों की तादाद भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा बताई है, लेकिन चीन ने अपने दो कमांडिंग ऑफिसर की मौत के अलावा कभी भी इसपर स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कबूला है। इस घटना के बाद से ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा के कई मोर्चों पर तनाव का माहौल है। हालांकि, उसके बाद से भारत ने अपनी पकड़ बहुत ही मजबूत कर ली है।












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