G-20 Summit: जी20 समिट में 'मिलेट दीदी', क्यों बुलाई गईं ओडिशा दो महिलाएं?
विश्व नेता सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को भारतीय पाक विरासत का प्रदर्शन करने के लिए जी20 रात्रिभोज कार्यक्रम में बाजरा से बने व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके लिए खास व्यवस्था की गई है।
दुनिया के 20 देशों से जी 20 समिट (G-20 Summit) में हिस्सा लेने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे विदेशी मेहमानों को स्वागत के लिए खास तैयारिया की गई हैं। दिनभर की बैठकों और चर्चा के बाद रात्रिभोज के मेन्यु में कई आइटम शामिल किए गए हैं। इन्हें पाक कला में एक्सपर्ट लोगों के द्वारा तैयार किया जा रहा है। भारत सरकार मोटे अनाज यानी मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने की खास मुहिम के तहत जी 20 के दौरान डिनर मेन्यु में मिलेट्स (millets) से बने फूड आइटम को भी शामिल किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 के लिए भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद वैश्वक नेताओं, सदस्य देशों के प्रतिनिधि को जिन होटलों में ठहरे हैं, वहां उन्हें बाजरे से बने व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

मिलेट्स के उत्पादन में ओडिशा का विशेष योगदान रहा है। यहां मिलेट्स की दो आदिवासी महिलाओं रायमती, सुबासा को विशेष डिनर तैयार के लिए आमंत्रित किया गया है। ओडिशा की ये दोनों लेडी बाजरे के व्यंजन बनाने में एक्सपर्ट हैं।
रायमाता घुरिया
रायमाता घुरिया मिलेट्स के बीज संरक्षक के रूप में जाना जाता है। 36 वर्षीय घुरिया भूमिया समुदाय से हैं। वे मूल रूप से ओडिशा के कोरापुट के नौगुड़ा गांव की निवासी हैं। उन्होंने स्वदेशी चावल की 70 से अधिक पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ बाजरा की 30 से अधिक किस्मों का संरक्षित किया है। तीन बच्चों की मां हैं और अपने समुदाय का नाम रोशन कर रही हैं। रायमाता ने अन्य किसानों को बाजरा और अन्य फसलों की पैकेजिंग प्रथाओं पर प्रशिक्षित किया है। वे 2012 से किसानों को लाइन ट्रांसप्लांटिंग, बाजरा सघनीकरण, जैविक कीट प्रबंधन और इंटरक्रॉपिंग पर प्रशिक्षण भी दे रही हैं। रायमाता एक कंपनी भी चलाती हैं जो स्थानीय किसानों से बाजरा खरीदती है और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने की अनुमति देती है।
सुबासा मोहंता
ओडिशा की लेडी सुबासा मोहंता एक सफल रागी किसान है। 45 वर्षीय मोहंता ओडिशा के मयूरभंज के सिंगारपुर गांव की निवासी हैं। वे रागी की कृषि के लिए पारंपरिक तरीकों का उपयोग करती हैं। दरअसल, बाजरा धीरे- धीरे खत्म होता जा रहा है, जिसके संरक्षण और उत्पादन के लिए मोहंता लगातार प्रयासरत हैं। मोहंता 2017 से नियमित रूप से मिलेट्स की कृषि कर रही हैं। वे उन सफल महिलाओं में से हैं, जिन्होंने पिछले दिनों बाजरा पर वैश्विक सम्मेलन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत की थी।
ओ़डिशा की ये दोनों महिलाएं जी 20 समिट के दौरान विदेशी मेहमानों के साथ मिलेट्स से बने फूड आइटम के महत्व को साझा करेंगी। दोनों के ये मौका राष्ट्रपति की मेजबानी में आयोजिक रात्रिभोज के दौरान मिलेगा।












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