Tirupati Laddu Scam: FSSAI ने AR डेयरी के खिलाफ जारी किया नोटिस, मिलावट के आरोपों पर विवाद
Tirupati Temple Laddu Scam: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने तिरुपति मंदिर में वितरित किए जाने वाले प्रसिद्ध लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट के मामले में प्रमुख आपूर्तिकर्ता AR डेयरी के खिलाफ कार्रवाई की है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम द्वारा प्रसाद के रूप में वितरित किए जाने वाले लड्डू में घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए एक स्वतंत्र प्रयोगशाला ने घी में विदेशी वसा जैसे गोमांस वसा और चरबी पाए जाने की पुष्टि की। इस खुलासे ने मंदिर के धार्मिक महत्व को देखते हुए एक बड़े विवाद को जन्म दिया है।
मिलावट के आरोपों का सामना करते हुए AR डेयरी ने अपनी भूमिका को न्यूनतम बताते हुए इन दावों को सिरे से खारिज किया है। डेयरी ने बयान दिया कि वे मंदिर की कुल घी आवश्यकता का बहुत ही छोटा हिस्सा ही आपूर्ति करते हैं। कंपनी ने कहा कि मंदिर को रोजाना 10 टन घी की आवश्यकता होती है और हम इसका 0.1 प्रतिशत भी आपूर्ति नहीं करते हैं। उन्होंने अपने बचाव में यह तर्क दिया कि उनकी सीमित आपूर्ति के बावजूद उन्हें बेवजह इस मामले में घसीटा जा रहा है।

इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी जोर पकड़ा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घी में बीफ़ टैलो, लार्ड और मछली के तेल जैसे घटिया पदार्थों के उपयोग को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मंदिर में मिलावटी सामग्री का उपयोग किया जा रहा था। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इन आरोपों का खंडन किया और इसे राजनीतिक चाल के रूप में पेश किया। उन्होंने नायडू पर आरोप लगाया कि वे धार्मिक मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं। जबकि उनकी सरकार ने किसी भी तरह के उल्लंघन को बढ़ावा नहीं दिया है।
मंदिर के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने AR डेयरी के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए इसे ब्लैकलिस्ट किया और कानूनी कार्रवाई शुरू की है। FSSAI ने भी मामले पर सख्ती दिखाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जो धार्मिक स्थलों में खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। घी के नमूनों का विश्लेषण NDDB CALF नामक निजी प्रयोगशाला द्वारा किया गया। जिसने घी में गोमांस वसा, चरबी, ताड़ और मछली के तेल की उपस्थिति की पुष्टि की।
इस घटना ने धार्मिक संस्थानों में खाद्य सुरक्षा और मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। FSSAI अब इस मुद्दे पर कड़ी नजर रख रहा है और सुनिश्चित कर रहा है कि तिरुपति मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के प्रसाद की शुद्धता बनी रहे। यह घोटाला खाद्य सामग्री की आपूर्ति में ईमानदारी और सावधानी के महत्व को रेखांकित करता है। विशेष रूप से धार्मिक प्रसाद के संदर्भ में जो जनता की भावनाओं से गहरे जुड़े होते हैं।
तिरुपति लड्डू में मिलावट का मामला AR डेयरी और FSSAI के बीच विवाद का कारण बना है। TTD ने मिलावटी घी आपूर्ति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जबकि राजनीतिक दावे-प्रतिदावे भी जोर पकड़ रहे हैं। यह घटना न केवल धार्मिक महत्व वाले प्रसाद की शुद्धता पर प्रकाश डालती है। बल्कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में नियामक एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करती है।












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