अप्रैल 2017 से 500-1,000 के खत्म किए गए नोट रखना होगा जुर्म,मिलेगी सजा
500 और 1,000 के नोट बंद करने के बाद सरकार इस पर कानून भी लाने जा रही है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि विमुद्रीकृत किए गए 500 और 1,000 के नोट से जुड़ा कानून लाने जा रही है।
बताया गया कि इस कानून के तहत 31 मार्च 2017 के बाद 500 और 1,000 की नोट रखना दण्डनीय अपराध होगा।
अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर और न्यायाधीश धनंजय वाई. चंद्रचूण की बेंच को बताया कि जनता अपना कैश 30 दिंसबर तक बैंक में जमा करा सकती है साथ ही 31 मार्च 2017 तक इसे व्याख्या के साथ भी जमा कर सकते हैं। लेकिन 31 मार्च के बाद खत्म कर दिए नोट को हस्तांरित करना या अपने पास रखना दण्डनीय अपराध होगा।

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि केंद्र के उच्च स्तर पर रोजाना के हालात पर निगरनी रखी जा रही है। हमने पाया है कि कुछ लोग विमुद्रीकृत कर दिए गए नोट से लंबी दूरी या विदेश की यात्रा का हवाई टिकट बुक करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम हर किसी के काम करने के तरीके की जांच कर रहे हैं कि कोई किसी तरह से अपने कालेधन को मुख्ययधारा में लाने के लिए लोगों को लगा रखा है।
हम इसे नहीं बता सकते...
बेंच ने पूछा कि एटीएम और बैंक की शाखाओं पर बढ़ते दबाव के चलते क्या नोटों की छपाई तेज की जा सकती है। इस पर अटॉर्नी जनरल ने जवाब देने से मना करते हुए कह कि यह सुरक्षा का मामला है और संख्या सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
बता दें कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम दिए अपने संबोधन में यह घोषणा की थी कि 500 और 1,000 के नोट विमुद्रीकृत किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने देश से 50 दिनों का वक्त मांगा था।
हालांकि विपक्ष की ओर से इस फैसले का बड़े स्तर पर विरोध किया जा रहा है।
बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने मार्च निकाला और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की।












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