Jagdeep Dhankhar Health Update: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की तबीयत बिगड़ी, AIIMS में भर्ती, हुआ क्या है?
Jagdeep Dhankhar Health Update: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सोमवार (12 जनवरी) को दिल्ली एम्स में भर्ती कराए गए हैं। जगदीप धनखड़ नियमित जांच के लिए दिल्ली के एम्स पहुंचे थे, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि उन्हें वहीं भर्ती होना पड़ेगा। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए एहतियातन तुरंत अस्पताल में एडमिट करने का फैसला लिया।
जगदीप धनखड़ पिछले सप्ताह दो हार बेहोश हुए थे। 10 जनवरी को धनखड़ जब वॉशरूम जा रहे थे, तब उन्हें दो बार बेहोशी के दौरे पड़े। यह महज चक्कर नहीं थे, बल्कि ऐसी हालत थी कि आसपास मौजूद लोगों को तुरंत मदद के लिए दौड़ना पड़ा। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें एमआरआई समेत कई जांच कराने की सलाह दी। सोमवार (12 जनवरी) को वही जांच कराने वे एम्स पहुंचे थे, मगर डॉक्टरों को उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं लगी और उन्हें भर्ती कर लिया गया।

एम्स में क्या चल रहा है?
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक जगदीप धनखड़ की एमआरआई और अन्य जांचें की जा रही हैं। डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन निगरानी में रखा गया है ताकि किसी भी खतरे को टाला जा सके।
पहले भी कई बार सार्वजनिक मंच पर गिरे थे जगदीप धनखड़?
यह पहली बार नहीं है जब जगदीप धनखड़ को ऐसी परेशानी झेलनी पड़ी हो। उपराष्ट्रपति रहते हुए भी वह कच्छ के रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली जैसे कई स्थानों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान अस्वस्थ होकर बेहोश हो चुके हैं। तब भी मंच पर मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच जाती थी और कार्यक्रम रोकने पड़ते थे।
देश के पूर्व उपराष्ट्रपति का बार बार बेहोश होना और एम्स में भर्ती होना सिर्फ एक स्वास्थ्य खबर नहीं है। यह उनके अचानक हुए इस्तीफे से जुड़ी पुरानी बहस को भी फिर से जिंदा कर देता है। अब सभी की नजर इस पर है कि डॉक्टर क्या निष्कर्ष निकालते हैं और आगे उनकी सेहत कैसी रहती है।
जगदीप धनखड़ इस्तीफे से जुड़ी पुरानी कहानी फिर चर्चा में?
लोगों को याद है कि 21 जुलाई 2025 को धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी चिट्ठी में साफ लिखा था कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं और डॉक्टरों की सलाह का पालन करने के लिए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। उनके इस्तीफे के बाद नए चुनाव हुए और सी पी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुना गया।
धनखड़ के इस्तीफे को लेकर उस समय सियासी बहस तेज हो गई थी। कांग्रेस ने दावा किया था कि स्वास्थ्य के अलावा भी कोई वजह हो सकती है। हालांकि भाजपा ने इसे सिरे से खारिज किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि धनखड़ ने खुद अपने पत्र में स्वास्थ्य को ही कारण बताया है और सरकार के किसी दबाव की बात नहीं है।












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