पिता-बेटे के कांग्रेस में शामिल होने पर धर्मसंकट में फंसा बीजेपी का यह मंत्री, कहा- मैं किसी के लिए नहीं करूंगा प्रचार
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री पंडित सुखराम और उनके बड़े पोते आश्रय शर्मा सोमवार को एक बार फिर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। दिल्ली में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। मंडी संसदीय क्षेत्र से आश्रय शर्मा कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। आश्रय के पिता अनिल शर्मा, जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं। अब उनके सामने एक बड़ा धर्मसंकट खड़ा हो गया है, कि वह किस पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करें?

इसी बीच सारे घटनाक्रम के मद्देनजर मंडी में सोमवार भाजपा सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने सीएम जयराम ठाकुर से मुलाकात की। सीएम जयराम ठाकुर ने भी अनिल शर्मा के साथ हुई मुलाकात की पुष्टि की है। जयराम ठाकुर ने बताया कि अनिल शर्मा ने उनके पास आकर बताया कि बेटे के कांग्रेस पार्टी में जाने की चर्चाओं से वह धर्मसंकट में हैं।
वहीं इस मामले पर बोलते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि, ऐसी राजनीति मेरे बस की नहीं है। मेरे भविष्य का फैसला अब भाजपा हाईकमान पर निर्भर है। दादा व पोते ने पहल की, इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। मेरे समक्ष धर्म संकट खड़ा हो गया है। लिहाजा, भाजपा के लिए प्रचार नहीं कर पाऊंगा। भाजपा ने इस्तीफा मांगा तो दे दूंगा। अनिल ने कहा कि वह अपने पिता पंडित सुखराम और बेटे आश्रय के खिलाफ नहीं जा सकते।

इसी बीच ऐसी खबरें आई है कि, अनिल शर्मा ने इस्तीफे की पेशकश की है। इस पर जब सीएम जयराम से पूछा गया तो उन्होंने उनके इस्तीफे की पेशकश का खंडन करते हुए कहा कि, अनिल शर्मा ने अभी तक ऐसी कोई पेशकश न तो उनके पास की है और न ही पार्टी के पास की है। उन्होंने कहा कि, मैं पंडित सुखराम का वह आदर करते हैं क्योंकि वह पहले भी भाजपा सरकार का हिस्सा रह चुके हैं और अब भी उनका बेटा भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। यदि उनका बेटा या पिता कोई निर्णय ले रहे हैं तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और उनके दोबारा कांग्रेस में जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।












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