अटल बिहारी के बेहद अजीज यशवंत सिन्हा ने तोड़ा भाजपा से नाता, पढ़िए उनका सियासी सफर

नई दिल्ली। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और एनडीए सरकार में वित्त और रक्षा मंत्रालय जैसी अहम जिम्मेदारी संभालने वाले यशवंत सिन्हा ने भाजपा छोड़ने का ऐलान कर दिया। यशवंत सिन्हा करीब चार सालों से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों का विरोध कर रहे थे। पार्टी छोड़ते वक्त यशंवत सिन्हा ने बड़ी ही तल्ख बातें कहीं और कहा कि भारतीय लोकतंत्र पूरी तरह से खतरे में हैं। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के बेहद करीबी कहे जाने वाले यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश को मौजूदा हालत में पहुंचाने वाले लोगों को वो बर्बाद कर देंगे।

यशवंत सिन्हा की छवि स्वच्छ आचरण वाले नेता की रही

यशवंत सिन्हा की छवि स्वच्छ आचरण वाले नेता की रही

यशवंत सिन्हा की छवि एक बेहद ही सौम्य, कुशल, तीव्र बुद्धि और स्वच्छ आचरण वाले नेता की रही है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि उन्हें ऐसा क्या नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में अच्छा नहीं लगा, जिसके कारण उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी।

चलिए एक नजर डालते हैं उनके अब तक के सियासी सफर पर....

जन्म और शिक्षा

जन्म और शिक्षा

यशवंत सिन्हा का जन्म 6 नवम्बर 1937, पटना( बिहार) में हुआ था। इनकी शिक्षा बिहार में ही संपन्न हुई। सिन्हा ने 1958 में राजनीति शास्त्र में अपनी मास्टर्स (स्नातकोत्तर) डिग्री प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने पटना विश्वविद्यालय में 1960 तक इसी विषय की शिक्षा दी। इसके बाद यशंवत सिन्हा ने 1960 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए और अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्त्वपूर्ण पदों पर असीन रहते हुए सेवा में 24 से अधिक वर्ष बिताए।

नौकरशाही

नौकरशाही

इसके बाद 4 सालों तक उन्होंने सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में सेवा की। बिहार सरकार के वित्त मंत्रालय में 2 वर्षों तक अपर सचिव तथा उप सचिव रहने के बाद उन्होंने भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव के रूप में कार्य किया। 1971 से 1984 के बीच इन्होंने नौकरशाही के अलग-अलग पदों पर काम किया, जिसमें भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय भी शामिल है।

जनता दल

जनता दल

यशवंत सिन्हा ने 1984 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया और जनता पार्टी के सदस्य के रूप में सक्रिय राजनीति से जुड़ गए। 1986 में उनको पार्टी का अखिल भारतीय महासचिव नियुक्त किया गया और 1988 में उन्हें राज्य सभा का सदस्य चुना गया। 1989 में जनता दल का गठन के बाद उनको पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने चन्द्र शेखर के मंत्रिमंडल में नवंबर 1990 से जून 1991 तक वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया।

 भाजपा

भाजपा

जून 1996 में वे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। मार्च 1998 में उनको वित्त मंत्री नियुक्त किया गया। उस दिन से लेकर 22 मई 2004 तक संसदीय चुनावों के बाद नई सरकार के गठन तक वे विदेश मंत्री रहे। उन्होंने भारतीय संसद के निचले सदन लोक सभा में बिहार (अब झारखंड) के हजारीबाग निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। यशवंत सिन्हा 1 जुलाई 2002 तक वित्त मंत्री बने रहे, तत्पश्चात विदेश मंत्री जसवंत सिंह के साथ उनके पद की अदला-बदली कर दी गयी। 13 जून 2009 को उन्होंने भाजपा के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। मोदी सरकार बनने के बाद वो लगातार उसकी आलोचना करते रहे और 21 अप्रैल 2018 को उन्होंने बीजेपी छोड़ दी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+