‘दाऊद के पैसे वाली फिल्मों पर चुप्पी, अब सच से जलन’,धुरंधर को प्रोपेगेंडा कहने वालों पर भड़के EX-DGP,खोली पोल
'Dhurandhar: The Revenge' (Former J&K DGP SP Vaid): फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर देश में छिड़ी बहस अब और तेज हो गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने इस विवाद के बीच खुलकर फिल्म का समर्थन किया है और प्रोपेगेंडा, विरोध करने वालों पर सीधा निशाना साधा है। उनका कहना है कि फिल्म में जो दिखाया गया है, वह किसी कल्पना का हिस्सा नहीं बल्कि उन सच्चाइयों पर आधारित है, जिनसे देश पहले ही वाकिफ है।
एसपी वैद ने कहा कि जब तब दाउद इब्राहिम के पैसों से फिल्म बन रही थी, तब तक बॉलीवुड वालों को कोई दिक्कत नहीं थी। अब सच दिखा दिया गया तो उनको मिर्ची लग गई है। फिल्म में अतीक अहमद को दिखाए जाने को लेकर कहा कि अतीक अहमद जैसे नाम सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं थे, बल्कि वो एक गैंगस्टर था, अपराध और अवैध गतिविधियों से जुड़ा रह है, उसके पाकिस्तान से जुड़े रिश्तों तथा अवैध हथियारों के नेटवर्क किसी से छिपी नहीं है। सब जानते हैं कि अतीक अहमद कौन था और क्या करता था।

'दाऊद के पैसे पर बनी फिल्मों पर सब खामोश थे'
पूर्व DGP एसपी वैद ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब फिल्मों में दाउद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड के पैसे का इस्तेमाल होता था, तब किसी को कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन अब जब फिल्में दाऊद इब्राहिम जैसे नामों की सच्चाई दिखाने की कोशिश कर रही हैं, तो कुछ लोगों को अचानक आपत्ति होने लगी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'धुरंधर 2' किसी सरकारी फंड से नहीं बनी है, बल्कि यह एक स्वतंत्र फिल्म है, जो वास्तविक घटनाओं और तथ्यों से प्रेरित है। वैद का कहना है कि सच्चाई हमेशा कड़वी होती है और यही वजह है कि इसे स्वीकार करना आसान नहीं होता।
फेक करेंसी और पाकिस्तान कनेक्शन पर बड़ा दावा
एस.पी. वैद ने अपने बयान में एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि देश में फर्जी नोटों के रैकेट में कुछ भारतीय नेताओं की भी भूमिका रही है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान तक मशीनें पहुंचाने और अवैध नेटवर्क को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियां लंबे समय से चलती रही हैं, जिनका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा। उन्होंने यह भी इशारा किया कि ऐसी ही गतिविधियों के कारण सरकार को नोटबंदी जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा था।
विपक्ष का पलटवार, 'नफरत फैलाने का एजेंडा'
जहां एक ओर फिल्म को समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर हमलावर है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 'धुरंधर 2' को सीधे तौर पर 'हेट एजेंडा' करार दिया है। उनका आरोप है कि फिल्म के जरिए देश में एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म सत्ताधारी दल के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है और इसके दूरगामी परिणाम देश के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
धुरंधर: सच बनाम सियासत की लड़ाई
'धुरंधर 2' को लेकर जारी विवाद अब सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सच और सियासत के बीच टकराव का रूप ले चुका है। एक पक्ष इसे हकीकत के करीब बताकर सराह रहा है, तो दूसरा इसे समाज को बांटने वाला प्रोपेगेंडा करार दे रहा है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह फिल्म वाकई कड़वी सच्चाई सामने ला रही है या फिर यह राजनीतिक नजरिए से तैयार की गई कहानी है। फिलहाल, बहस जारी है और 'धुरंधर 2' चर्चा के केंद्र में बनी हुई है।












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