अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात पर विदेश मंत्रालय ने व्यक्त की चिंता, कहा- 'उम्मीद है कि युद्धविराम होगा'
नई दिल्ली, 12 अगस्त। अफगानिस्तान में बढ़ते तालिबान के आतंक के बीच भारत सरकार की तरफ से हिंसा पर बड़ी टिप्पणी की गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उम्मीद है वहां तत्काल और व्यापक युद्धविराम होगा। अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा जारी हिंसा के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि अफगानिस्तान में भारतीयों को वाणिज्यिक उड़ानों के माध्यम से लौटने के लिए कहा गया है।

अल्पसंख्यकों की मदद करने पर अरिंदम बागची ने कहा, 'हम हिंदुओं और सिखों की हर जरूरी मदद सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को निकालने के लिए अभी कोई औपचारिक निकासी तंत्र नहीं है। बागची ने कहा कि भारत, अफगानिस्तान द्वारा की गई सभी शांति पहलों का समर्थन कर रहा है। यह तेजी से बदलाव वाली स्थिति है, हमें उम्मीद है कि तत्काल और व्यापक युद्धविराम होगा। बता दें कि गुरुवार को गजनी शहर पर कब्जा करने के साथ ही तालिबान ने महज एक हफ्ते में नौ प्रांतीय राजधानियों को अपने कब्जे में ले लिया है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान सरकार ने उन्हें समझौते में तालिबान के सत्ता हिस्सा देने की पेशकश की है, अगर वे युद्धविराम के लिए सहमत होते हैं। तालिबान ने अफगानिस्तान के एक एयरबेस पर भी कब्जा कर लिया है जहां भारत द्वारा दिया गया एक लड़ाकू हेलिकॉप्टर रखा गया था। इस पर बागची ने कहा कि यह अब उनका आंतरिक मामला है। सोशल मीडिया पर एमआई -35 हेलिकॉप्टर का एक वीडियो भी सामने आया है जिसे लेकर संभावना जताई जा रही हैं कि यह अफगानिस्तान को भारत द्वारा उपहार में दिए गए हेलीकॉप्टरों में से एक है। अब यह तालिबान द्वारा अफगान राष्ट्रीय रक्षा बलों से जब्त किया गया है।












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