ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत अमेरिका के साथ संबंध बढ़ाने के लिए तैयार: विदेश मंत्री जयशंकर
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में वापस लौटते ही, भारत उनके प्रशासन के साथ बेहतर स्थिति में होगा। यह दावा भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार (5 दिसंबर) को किया। जयशंकर ने यह बयान ASSOCHAM के एक कार्यक्रम में दिया, जहां उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों और बदलते वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा की।
उन्होंने ट्रंप के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ उनके सकारात्मक राजनीतिक रुख को रेखांकित किया और इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए फायदेमंद बताया।

ट्रंप के साथ भारत के संबंध: एक लाभदायक स्थिति
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत, ट्रंप प्रशासन को राजनीतिक चुनौती के रूप में नहीं देखता, जैसा कि अन्य देश करते हैं। उन्होंने कहा, "हमारा ट्रंप के साथ हमेशा सकारात्मक राजनीतिक संबंध रहा है।" यह संकेत देता है कि भारत, ट्रंप के साथ भविष्य में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है, खासकर महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में।
अमेरिका और भारत के बीच तकनीकी साझेदारी को लेकर जयशंकर ने कहा कि उभरती तकनीकों में सहयोग दोनों देशों के लिए लाभदायक हो सकता है। अमेरिका को इन क्षेत्रों में भारत की भागीदारी की आवश्यकता है, और यह द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
व्यापार और बाजार तक पहुंच
जयशंकर ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) तथा ब्रिटेन (UK) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन समझौतों में कई चुनौतियां हैं, जैसे विभिन्न देशों के हितों का सामंजस्य बनाना। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि इन समझौतों से भारतीय बाजार को फायदा होगा और वैश्विक स्तर पर भारत की पहुंच बढ़ेगी।
उन्होंने MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) की सुरक्षा और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने पर भी जोर दिया। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि FTA वार्ता के दौरान भारतीय उद्योगों को किसी प्रकार की असमानता का सामना न करना पड़े।
बदलते वैश्विक दृष्टिकोण
जयशंकर ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पिछले एक दशक में वैश्विक शक्तियों के भारत को देखने के तरीके में बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को इसका बड़ा कारण बताया गया, जिससे भारत के प्रति सकारात्मक धारणा बनी है।
MSME और विनिर्माण क्षेत्र पर जोर
भारत के आर्थिक विकास में MSMEs की भूमिका पर बोलते हुए, जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार ने इस क्षेत्र को प्राथमिकता दी है। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में सुधार, रसद में दक्षता बढ़ाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
जयशंकर का यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों में नई संभावनाओं की ओर इशारा करता है। ट्रंप के नेतृत्व में भारत-अमेरिका संबंधों को और गहरा किया जा सकता है, खासकर तकनीकी, व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में।












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