Jamia firing: पुलिस के मूकदर्शक बने रहने और घायल को रास्ता ना देने पर जमकर हुई खिंचाई
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के विरोध में दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक मार्च निकाला जा रहा था। इसी बीच एक शख्स सरेआम पुलिस की मौजूदगी में फायरिंग करने लगा। इस फायरिंग में एक युवक जिसका नाम शादाब है घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोली चलाने वाले युवक का नाम गोपाल है और वह फायरिंग करते हुए 'ये लो आजादी', 'मैं दिलाता हूं आजादी' जैसी बातें चिल्ला रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। वो ग्रेटर नोएडा के जेवर का रहने वाला है। इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस मूक दर्शक बने सबकुछ देखती रही। इतना ही नहीं, पुलिस ने घायल युवक को रास्ता तक नहीं दिया। इसे लेकर पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है।
असहाय दर्शक का कोई अवॉर्ड मिले तो दिल्ली पुलिस को ही मिलेगा
AIMIM प्रमुख ने इस दौरान दिल्ली पुलिस पर भी सवाल खड़े किए। ओवैसी ने लिखा कि जो बहादुरी आपने जामिया में दिखाई थी उसका क्या हुआ। अगर असहाय दर्शक का कोई अवॉर्ड मिले तो दिल्ली पुलिस को ही मिलेगा। क्या आप बता सकते हैं कि ये बैरिकेड पार कर कैसे गया? ओवैसी ने इस घटना पर निशाना साधते हुए लिखा कि अब पूरा मामला गोडसे बनाम गांधी-अंबेडकर-नेहरू के देश का हो गया है। लोगों को चुनना है। गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी के ट्वीट का सीधा निशाना बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर के उस बयान पर है जो विवादों में है। अनुराग ठाकुर ने अपने एक भाषण में नारे लगवाए थे, 'देश के गद्दारों को...गोली मारो...'।
घायल युवक के लिए पुलिस ने क्यों नहीं हटाया बैरिकेट
सोशल मीडिया पर घटना की तस्वीर डालकर लोग पुलिस की खिंचाई कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा है कि आदमी ने खुलेआम हथियार लहराया लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। प्रदर्शनकारियों की ओर शख्स आगे बढ़ रहा था। इस दौरान पुलिस महज चुप्पी साधे हुए देखते रही। घायल युवक की तस्वीर डालकर यूजर ने लिखा कि जब वो खून से लहुलूहान था तो पुलिस ने उसे जाने के लिए रास्ता क्यों नहीं दिया। उसके लिए बैरिकेट क्यों नहीं हटाया गया।
पुलिस के सामने कैसे बंदूक लेकर पहुंचा गोपाल
घटना के बाद पुलिस के सुरक्षा इंतजामों पर ही सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की इतनी भारी मौजूदगी के बाद कैसे वो शख्स पिस्तौल लेकर वहां भीड़ के बीच में आ गया। कैसे वो पुलिस और भीड़ के बीच खड़े होकर नारेबाजी करता रहा। कैसे उसने पुलिस के सामने ही प्रदर्शनकारियों की तरफ पिस्तौल तानकर गोली चला दी।
इस पूरे मामले पर और भी रिएक्शन आए हैं।












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