वित्त मंत्री ने दिया जवाब- LIC ने अडानी में निवेश अपनी मर्जी और नियमों के तहत किया, सरकार सलाह नहीं देती
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कहा कि एलआईसी ने अडानी समूह में जो भी निवेश किया है, वह अपनी आंतरिक प्रक्रिया और नियमों के हिसाब से किया गया है। सरकार ने इस पर न तो कोई दबाव डाला और न ही कोई निर्देश दिए। उन्होंने लोकसभा लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा, "वित्त मंत्रालय एलआईसी के फंड के निवेश से संबंधित मामलों में एलआईसी को कोई सलाह/निर्देश जारी नहीं करता है।
वित्त मंत्री ने समझाया कि एलआईसी के सारे निवेश कड़े ड्यू डिलिजेंस, जोखिम आकलन और नियामक नियमों का पालन करते हुए किए जाते हैं। इन फैसलों पर बीमा अधिनियम 1938, IRDAI, RBI और SEBI के नियम लागू होते हैं।

अडानी समूह में कितना निवेश?
एलआईसी ने अडानी समूह की करीब आधा दर्जन लिस्टेड कंपनियों में ₹38,658.85 करोड़ के शेयर खरीदे हुए हैं।
इसके अलावा, अडाणी समूह के कर्ज साधनों (डिबेंचर आदि) में उसका निवेश ₹9,625.77 करोड़ है।
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर दी प्रतिक्रिया
एक रिपोर्ट में दावा हुआ था कि सरकार ने एलआईसी को अडानी में निवेश करने को कहा था। सीतारमण ने इस बात को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि मई 2025 में एपीएसईजेड के ₹5,000 करोड़ के एनसीडी में किया गया निवेश भी पूरी तरह एलआईसी की खुद की प्रक्रियाओं के तहत किया गया था।
LIC का कुल पोर्टफोलियो कितना बड़ा है?
- एलआईसी कोई छोटा निवेशक नहीं बल्कि भारत का सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है, जिसके पास ₹41 लाख करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति है।
- यह 351 लिस्टेड कंपनियों में निवेश करता है।
- निफ्टी 50 कंपनियों में इसका बुक वैल्यू निवेश ₹4,30,776.97 करोड़ है - यानी कुल इक्विटी निवेश का 45.85%।
किन-किन बड़ी कंपनियों में सबसे ज्यादा निवेश?
निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में एलआईसी के शीर्ष निवेश इस प्रकार हैं
- रिलायंस इंडस्ट्रीज - ₹40,901.38 करोड़
- इंफोसिस - ₹38,846.33 करोड़
- टीसीएस - ₹31,926.89 करोड़
- एचडीएफसी बैंक - ₹31,664.69 करोड़
- हिंदुस्तान यूनिलीवर - ₹30,133.49 करोड़
- किस कंपनियों में सबसे ज्यादा कर्ज एक्सपोज़र?
- एचडीएफसी बैंक - ₹49,149.14 करोड़
- रिलायंस इंडस्ट्रीज - ₹14,012.34 करोड़
- आईसीआईसीआई बैंक - ₹13,435 करोड़
- श्रीराम फाइनेंस - ₹11,075 करोड़
- अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड - ₹9,625.77 करोड़
- अडाणी समूह में एलआईसी का एक्सपोज़र कहाँ-कहाँ?
- अडाणी समूह की कंपनियों में एलआईसी के निवेश की स्थिति इस प्रकार है:
- अडाणी टोटल गैस - ₹8,646.82 करोड़
- अडाणी एंटरप्राइजेज - ₹8,470.60 करोड़
- अंबुजा सीमेंट्स - ₹5,787.73 करोड़
- अडाणी पोर्ट्स (APSEZ) - ₹5,681.10 करोड़
- अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस - ₹3,729.68 करोड़
- अडाणी ग्रीन एनर्जी - ₹3,486.10 करोड़
- ACC - ₹2,856.82 करोड़
चेक एंड बैलेंस भी मजबूत
- एलआईसी के निवेशों की जांच कई स्तरों पर होती है-
- समवर्ती ऑडिटर्स, वैधानिक ऑडिटर्स, सिस्टम ऑडिट, आंतरिक वित्तीय नियंत्रण (IFC) और विजिलेंस टीम सब इसकी समीक्षा करते हैं।
- साथ ही IRDAI भी समय-समय पर निरीक्षण करता है।
LIC स्वतंत्र है
एलआईसी ने पहले भी साफ कहा है कि वित्त मंत्रालय या कोई सरकारी विभाग उसके निवेश में कोई भूमिका नहीं निभाता। सभी फैसले बोर्ड-अनुमोदित नीतियों और नियमों के अनुसार, हितधारकों के हित को ध्यान में रखते हुए किए जाते हैं।












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