लोकसभा में वित्तीय विधेयक 2025 पास, गूगल टैक्स खत्म, अब राज्यसभा में पेश होगा, अमित शाह क्या बोले?
Finance Bill 2025: लोकसभा में वित्तीय विधेयक 2025 को मंजूरी मिल गई है, और अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में कई अहम संशोधन किए गए हैं, जिसमें ऑनलाइन विज्ञापनों पर 6 प्रतिशत डिजिटल टैक्स (जिसे 'गूगल टैक्स' भी कहा जाता था) को खत्म किया जाना शामिल है। इसके अलावा, इस बिल में कुल 34 अन्य संशोधनों को भी जोड़ा गया है।
वित्तीय विधेयक के राज्यसभा में पास होने के बाद, यह विधेयक लागू हो जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट में 50.65 लाख करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल विज्ञापनों पर 'गूगल टैक्स' को समाप्त करने का प्रस्ताव है, ताकि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए राहत दी जा सके।

आगामी वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च का प्रस्ताव 11.22 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें 15.48 लाख करोड़ रुपये का प्रभावी पूंजीगत व्यय शामिल है। सरकार ने 42.70 लाख करोड़ रुपये के सकल टैक्स राजस्व का अनुमान भी रखा है, और 14.01 लाख करोड़ रुपये के सकल उधारी का भी अनुमान है। इस बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आवंटन भी किया गया है।
आपदा प्रबंधन संशोधन विधेयक 2024 पर अमित शाह का बयान, कांग्रेस ने उठाए सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 पर चर्चा करते हुए कहा कि इस विधेयक में देश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदाओं का मुकाबला जलवायु परिवर्तन से भी जुड़ा है और इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
हालांकि, कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने इस विधेयक में कई खामियां बताते हुए कहा कि यह संघवाद को कमजोर करता है और स्थानीय अधिकारियों को हाशिए पर रखता है। उन्होंने कहा कि विधेयक में स्थानीय स्वायत्तता की कमी है, और यह राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति को सशक्त बनाने के नाम पर स्थानीय निकायों को नजरअंदाज कर रहा है।
बीजेपी सांसद नरेश बंसल ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि 2013 की केदारनाथ आपदा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी भूमिका निभाई थी और गुजरात से भेजे गए राहत किट्स को बड़े व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आपदाओं के प्रभाव को कम किया गया और कई बार मदद के हाथ बढ़ाए गए।












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