Video: जिस जमीन को बेटे के लिए खरीदा, वहीं उसको दफनाया, कब्र से लिपटकर रोते पिता को देख फट जाएगा कलेजा
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर RCB की पहली IPL 2025 ट्रॉफी की खुशी में हजारों लोग उमड़े थे। लेकिन ये जश्न उस वक्त मातम में बदल गया, जब स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई। यह घटना अब सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि उजड़े घरों की दिल दहला देने वाली कहानी भी है। इस हादसे में जान गंवा देने वालों में एक 21 साल का भूमिक लक्ष्मण भी था जो बस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक देखने पहुंचा था।
हासन जिले के रहने वाले बीटी लक्ष्मण का बेटा भूमिक लक्ष्मण (Bhumik Lakshman) इंजीनियरिंग का छात्र था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पिता अपने बेटे की कब्र से लिपटकर फूट-फूटकर रोते दिखाई दे रहे हैं।

'अब कहीं नहीं जाना...मैं यहीं रहूंगा'
21 साल का भूमिक तो दुनिया छोड़कर चला गया लेकिन उसके पिता का बुरा हाल है। बीटी लक्ष्मण को बेटे की कब्र से लिपटकर यह कहते सुना जा सकता है कि 'अब कहीं नहीं जाना मैं यहीं रहूंगा।'
सपनों की जमीन अब कब्र बन गई
जहां लक्ष्मण ने अपने बेटे के लिए जमीन खरीदी थी, वहीं अब वह दफन है। वही जमीन जो कभी उसके भविष्य की नींव होनी थी, अब उसका अंतिम ठिकाना बन गई। पिता कहते हैं, 'जिस जमीन पर उसका घर बनने वाला था, वहीं अब उसकी यादें दफन हैं।'
'मेरे बेटे के साथ जो हुआ, वो किसी और के साथ न हो'
RCB के जश्न में शामिल भूमिक के पास जिंदगी के कई सपने थे। पिता लक्ष्मण, जो कब्र के पास जमीन पर लेटे थे, बोले- 'जो मेरे बेटे के साथ हुआ, वो किसी और के साथ न हो।' ये शब्द किसी पिता की नहीं, उस इंसान की पुकार हैं जिसकी सांसें तो चल रही हैं, पर जिंदगी वहीं रुक गई है जहां बेटे की कब्र है।
'उसके शरीर का पोस्टमार्टम मत करिए...मेरा एक ही बेटा था'
The News Minute की रिपोर्ट के अनुसार, लक्ष्मण ने अधिकारियों से पोस्टमार्टम न करने की गुजारिश की थी। उन्होंने कहा- 'मेरा एक ही बेटा था। कृपया उसके शरीर को टुकड़ों में मत काटिए। इस अपील में सिर्फ दर्द नहीं, बल्कि वो बेबसी भी है जो किसी मजबूर बाप की आंखों से फूट रही थी।
सुरक्षा की चूक, जिम्मेदारों पर गिरी गाज
घटना के बाद सरकार ने बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव और इंटेलिजेंस चीफ को भी पद से हटा दिया गया है। लेकिन जिनकी दुनिया उजड़ गई, उनके लिए यह सजा नहीं, सिर्फ औपचारिकता है।
14 साल की बच्ची समेत 11 की मौत
चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर बुधवार को भगदड़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 47 से ज्यादा घायल हो गए। मरने वालों में एक 14 साल की बच्ची भी शामिल है। सभी लोग RCB के खिलाड़ियों की एक झलक पाने और जीत के जश्न में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन भीड़ कंट्रोल में नहीं रही।











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