फारूक अब्दुल्ला बोले- हम आर्मी ऑपरेशन नहीं, बेगुनाहों को मारे जाने के खिलाफ

फारूक अब्दुल्ला बोले-

नई दिल्ली। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने शनिवार को संसद परिसर मे कहा कि हम सेना की कार्रवाई के खिलाफ नहीं है। अब्दुल्ला ने कहा कि हम आर्मी ऑपरेशन विरोध नहीं करते हैं लेकिन बेगुनाहों को निशाना बनाया जाता है तो हम उसकी मुखालफत करते हैं। 18 जुलाई को शोपियां के आशिमपोरा गांव में तीन युवकों के सेना ने एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया था। जांच में सेना ने पाया है कि फर्जी तरीके से तीन मजदूरों को सेना के जवानों ने आतंकी बताकर मार दिया था। सेना ने इन जवानों पर कार्रवाई की बात भी कही है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने ये कहा है।

आर्मी जवानों पर कार्रवाई कर रही, ये अच्छी बात

आर्मी जवानों पर कार्रवाई कर रही, ये अच्छी बात

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, आर्मी ने ये मान लिया है कि जो तीन लड़के शोपियां में सेब तोड़ने के काम से आए थे, उन्हें बेगुनाह मारा गया है। मुझे खुशी है कि आर्मी इस पर एक्शन ले रही है। इसके साथ-साथ जो औरत सचिवालय के पास मारी गई मैं चाहता हूं कि उसकी भी ज्युडिशियल इनक्वायरी की जाए। हम कहना चाहते हैं कि ऑपरेशन्स के खिलाफ हम लोग नहीं है। जहां बेगुनाह मारा जाता है हम लोग उसके खिलाफ हैं। बता दें कि 18 जुलाई को आशिमपोरा में हुए एनकाउंटर की जांच में सेना को अपने जवानों के खिलाफ सबूत मिले हैं और इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आर्मी ने बताया कि इस एनकाउंटर के दौरान जवानों ने आर्म्ड फोर्सस स्पेशल पावर एक्ट के तहत मिली शक्तियों का उल्लंघन किया। इस ऑपरेशन में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के निर्देशों का भी उल्लंघन किया गया।

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    सदन में उठाया कश्मीर में नेट पर पाबंदियों का मामला

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    फारूक अब्दुल्ला ने लोकसभा में कश्मीर में नेट और दूसरी पाबंदियों का मामला भी शनिवार को उठाया। उन्होंने कहा, जम्मू और कश्मीर में लोगों को नेट की सुविधा नहीं मिल रही है। यहां के लोगों के पास 4G की सुविधा नहीं है। आज के समय मे जब देश के बाकी हिस्सों में इंटरनेट पर हर सुविधा उपलब्ध है और कई काम इससे हो रहे हैं। ऐसे में कैसे कश्मीर के लोग देश के साथ इन पाबंदियों के साथ कदम मिला पाएंगे। अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर में बॉर्डर पर हर रोज जानें जा रही हैं, जैसे सरकार चीन के साथ सभी स्तरों पर बातचीत कर रही है। वैसे ही सभी पड़ोसियों से बात करे और शान्ति की कोशिश करे।

    टीएमसी सांसद ने भी कश्मीर के हालात पर जताई चिंता

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    टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भी शनिवार को लोकसभा में कश्मीर का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के एक साल बाद आज भी जम्मू-कश्मीर की स्थिति चिंताजनक है। हालात बेहतर होते उन्हें नहीं दिख रहे हैं। रॉय ने कश्मीर के सभी 230 राजनीतिक नेताओं की रिहाई की मांग सरकार से की है।

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