Farmers Protest: चक्का जाम करने की तैयारी में किसान, कल होगी प्रशासन के साथ बैठक
नई दिल्ली। पंजाब-हरियाणा के किसानों का केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 24 दिन से आंदोलन जारी है। भारत सरकार से कई दौर की वार्ता के बाद भी अभी तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं निकल पाया है, आंदोलनकारी किसान कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच किसान संगठनों द्वारा भारत बंद और भूख हड़ताल के बाद सड़कों पर चक्का जाम करने की योजना पर विचार हो रहा है। शनिवार को किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि वह अब सड़कों पर ट्रैफिक की आवाजाही को रोकेंगे।

दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा गाजीपुर बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता सरदार वीएम सिंह ने शनिवार को ऐलान किया कि कल यानी रविवार को सुबह 11 बजे ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने को लेकर प्रशासन के साथ बैठक होगी। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़क के दोनों ओर जाम लग जाएगा। इसके अलावा नवंबर से शुरू होने वाले आंदोलन में अब तक जिनते भी किसानों ने अपनी जान गंवाई है उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए 'किसान शहीदी दिवस' मनाने का ऐलान किया गया है।
सिंघु बॉर्डर पर लगे हैं 370 पोर्टेबल टॉयलेट
बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों के लिए दिल्ली सरकार ने कई तरह के इंतजाम किए हैं। जिनमें एक है पोर्टेबल टॉयलेट। सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर 370 टॉयलेट स्थापित की गई हैं। अब इन पोर्टेबल टॉयलेट की देखरेख कर रहे कर्मचारी अपनी दिक्कतें बता रहे हैं। यहां पर पोर्टेबल टॉयलेट लगाने वाले 30 वर्षीय यशपाल सिंह ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले 2019 में 11 हजार टॉयलेट स्थापित किए थे। उनके लिए सिंघु बॉर्डर पर 370 टॉयलेट स्थापित करना और उसकी देखरेख करना उनके लिए कोई मुश्किल काम नहीं है। फिर भी, वह हर दिन 12 घंटे से अधिक काम करते हैं। भूटानी इंटरनेशनल द्वारा प्रदान किए गए 37 आदमी, जो शौचालयों की सफाई का काम करते हैं, की निगरानी करते हैं।
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